दो साल की कड़ी मेहनत का रिज्लट है मातृत्व अवकाश बिल

नई दिल्ली (11 अगस्त): सरकार महिलाओं को फिलहाल मिलने वाले 12 सप्ताह के मातृत्व अवकाश को बढ़ाकर 26 सप्ताह करने जा रही है। बिल के राज्सभा में पेश होने से पहले महिला कल्याण मंत्री मेनका गांधी ने बताया कि यह दो साल के कड़े परिश्रम का परीणाम है।

इस बिल में संशोधन का ड्राफ्ट महिला कल्याण मंत्री मेनका गांधी ने तैयार किया है, लेकिन इसे अपर हाऊस में श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय रखेंगे। इस कानून के बनने के बाद सरकारी दफ्तरों में काम करने वाली महिलाओं को मातृत्व लाभ होने पर 7 महीने और प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाली महिलाओं को 6 महीने की छुट्टी दी जाएगी।

मेनका गांधी ने बताया, क्यों पड़ी इसकी जरूरत...

- यूनिसेफ की रिपोर्ट के मुताबिक 7 महीने तक बच्चे को मां स्तनपान कराए तो बीमारी कम होती होती है। इसलिए हमने 6.5 महीने की छुट्टी का प्रावधान किया है। हमारी सरकार का बड़ा फैसला किया है। - मुझे नहीं लगता इससे लोग महिलाओं को काम पर नहीं रखेंगे, क्योंकि जिनती विविधता भरा काम महिलाएं करती है, वह कोई और नहीं कर सकता। - 50 महिलाओं वाले हर इस्टैब्लिशमेंट के लिए क्रेच और 6.5 महीने मां को छुट्टी दोनों अनिवार्य होगा। - adoption, surrogacy, के लिए छुट्टी का प्रावधान है।