उर्दू टीचरों के लिए यूपी सरकार ने जारी की यह गाइडलाइन

नई दिल्‍ली (13 जनवरी): यूपी में उर्दू टीचरों की बहाली को लेकर नया पेंच सामने आया है। सरकार ने उर्दू टीचरों की बहाली के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन के मुताबिक 2 बीवियों वाले आवेदकों का उर्दू टीचर बनने का सपना टूट सकता है। हालांकि सरकार की इस गाइडलाइन का विरोध भी शुरू हो गया है। विरोध करने वाले इसे मजहब के चश्मे से देख रहे हैं। ऐसे लोगों की दलील है कि सरकार की ये गाइडलाइन इस्लाम धर्म मानने वाले उम्मीदवारों पर नहीं लागू होनी चाहिए, क्योंकि इस्लाम में 4 शादियों की इजाजत है। इधर कुछ लोगों का का कहना है कि सरकारी नौकरियों में शरिया कानून की इजाजत नहीं दी जा सकती।

यूपी सरकार ने जो गाइडलाइन्स जारी की है, उसमें साफ कहा गया है कि उर्दू टीचरों की भर्ती परीक्षा के लिए ऐसे उम्मीदवार अयोग्य माने जाएंगे जिनकी 2 बीवियां है और दोनो जिंदा है। किसी महिला ने ऐसे शख्स से शादी की है , जिसकी 2 बीवियां है तो उसका आवेदन भी मान्य नहीं होगा। दरअसल यूपी सरकार की नई गाइडलाइन में उर्दू टीचर के पद के लिए आवेदन करने वालों को योग्यता और अनुभव के साथ, पारिवारिक हालात का भी ब्योरा देना होगा। उर्दू टीचरों की भर्ती के लिए यूपी सरकार के इस रूख के बाद विरोध के सुर भी सुनाई देने लगे हैं। विरोध करने वाले इस मामले को मजहब की चश्मे से देख रहे हैं। यूपी में उर्दू शिक्षकों की करीब साढे़ तीन हजार पदों पर बहाली से पहले सरकार ने ये गाइडलाइन जारी की है। इस मामले पर यूपी सरकार की अपनी दलील है।

हालांकि नई गाइड लाइन में उर्दू टीचर बनने के लिए आयु की बाध्यता नहीं है। 62 वर्ष की उम्र तक के आवेदक इस नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। राज्य कर्मचारी नियमावली में एक से अधिक शादी को लेकर स्पष्ट प्रावधान हैं। इसमें एक से अधिक पत्नी रखने वालों को सरकारी नैकरी का हकदार नहीं माना गया है। इसी को देखते हुए उर्दू शिक्षकों की भर्ती के लिए गाइड लाइन स्पष्ट की गई हैं। जिसमें साफ कहा गया है कि एक से अधिक शादी होने पर आवेदन मान्य नहीं होंगे और नौकरी पाने के बाद आवेदक दूसरी शादी नहीं कर सकेंगे।