एक लाख साल में पहली बार गायब हो सकती है आर्कटिक से बर्फ

लंदन (6 जून): आर्कटिक पर जो पिछले एक लाख साल में नहीं हुआ, अब वो होने वाला है। यहां की बर्फ खत्म होने वाली है। यह दावा एक जाने-माने साइंटिस्ट ने किया है। साइंटिस्ट का कहना है कि गर्मी का कहर ऐसा है कि इस साल या फिर अगले साल आर्कटिक समुद्र की बर्फ गायब हो जाएगी। 

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पीटर वडहम्स के अनुसार आर्कटिक से लगातार बर्फ पिघल रही है। प्रोफेसर ने कहा कि आइस फ्री से मेरा मतलब है कि आर्कटिक के सेंट्रल पार्ट और नॉर्थ पोल पर बर्फ नहीं होगी। आर्कटिक के समुद्र का बर्फ पिछले 30 सालों में इतनी मात्रा में पानी में तबदील हो चुकी है जितनी पिछले एक लाख सालों में भी नहीं पिघली। यही कारण है कि यूरोप के कई देश बाढ़ की चपेट में हैं। अमेरिका के नेशनल स्नो एंड आइस डेटा सेंटर की तरफ से ली गई हालिया सेटेलाइट तस्वीरें से भी इस बात को बल मिलता है।

इन तस्वीरों के जरिए पता चलता है कि इस साल एक जून तक यहां  सिर्फ 11.1 मिलियन स्क्वेयर किलोमीटर एरिया में बर्फ थी। जबकि पिछले 30 साल में यहां औसतन करीब 12.7 मिलियन स्क्वेयर किलोमीटर एरिया में बर्फ मौजूद थी। 1.5 मिलियन स्क्वेयर किलोमीटर से ज्यादा का यह इलाका यूनाइटेड किंगडम को 6 बार जोड़ने के बराबर है।