जाति की बातों को जमीन में गाड़कर देश को आगे बढ़ना चाहिए: मीरा कुमार


नई दिल्ली(27 जून): राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी की उम्मीदवार मीरा कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि 17 पार्टियों ने मुझे उम्मीदवार बनाया है। सभी को अपनी अंतर्आत्मा की आवाज सुनना चाहिए। जाति की बातों को जमीन में गाड़कर देश को आगे बढ़ना चाहिए।


- मीरा राष्ट्रपति चुनाव को दलित बनाम दलित की तरह देखे जाने सवालों पर बोल रही थीं।


- मीरा कुमार ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से चल रहे राजनीतिक घटनाक्रमों से आप भली-भांति परिचित हैं। 17 मुख्य विपक्षी दलों ने सोनिया गांधी के नेतृत्व में सर्वसम्मति से मुझे चुना है। विपक्ष की एकता समान विचारधारा पर आधारित है।


- "यह विचाराधारा गरीबी का अंत, जाति व्यवस्था का विनाश, प्रेस की आजादी की बात करती है। मैंने निर्वाचक मंडल के सभी सदस्यों को पत्र लिखा है। उनसे समर्थन मांगा है। उनसे अनुरोध किया है कि उनके सामने ये अद्वितीय अवसर है। सभी तरफ से ध्यान हटाकर अंतर्आत्मा की आवाज पर ध्यान देना चाहिए।"


- "चुनाव प्रचार के लिए सबसे पहले साबरमती आश्रम जाऊंगी।"


- "बड़ी जोर से ये बात उठी है कि दो दलित आमने-सामने हैं देश के सर्वोच्च पद के लिए। समाज की असलियत सामने आ रही है। हम यह आकलन करने में आसानी महसूस कर रहे हैं कि समाज किस तरह सोचता है।"


- "इससे पहले जब इस उच्च पद के लिए चुनाव हुए तो तथाकथित उच्च जाति के उम्मीदवार थे। उनकी योग्यता की चर्चा हुआ करती थी। मुझे याद नहीं कि कभी उनकी जाति की चर्चा हुई।"


- "अब मेरे सामने सम्मानित कोविंदजी हैं तो सभी जाति की बात कर रहे हैं। जाति को गठरी में बांधकर जमीन में बहुत नीचे गहरा गाड़ देना चाहिए और देश को आगे बढ़ जाना चाहिए। जहां तक नीतीश कुमारजी के समर्थन की बात है, तो ऐसी बातें (उनका विपक्ष को समर्थन देना) होती रहती हैं।"


- विपक्ष को लेकर मीरा कुमार के रवैये के बारे में सुषमा स्वराज के हालिया ट्वीट्स पर पूर्व स्पीकर ने कहा- "मैं जिस लोकसभा की स्पीकर थी, उसके अंतिम सत्र के अंतिम दिन सभी दलों के नेताओं ने अपने-अपने समापन भाषण दिए जो रिकॉर्ड हैं। चाहे पक्ष हो या विपक्ष,सभी ने मेरी कार्यशैली की सराहना की थी।"