भारत आने से डरा मेहुल चोकसी, एंटीगुआ और बारबुडा सरकार के खिलाफ ही किया मुकदमा

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 9 नवंबर ): देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी)घोटाले में आरोपी मेहुल चोकसी भारत में प्रत्यर्पण की कोशिशों से घबराया और डरा हुआ है। चोकसी ने भारत लौटने से बचने के लिए अब एक नया हथकंडा अपनाया है। उसे एंटीगा और बारबुडा सरकार के खिलाफ ही केस दायर कर दिया है। चोकसी ने गुहार लगाई है कि उसकी केस की सुनवाई के दौरान प्रधानमंत्री के स्थायी सचिव मौजूद रहें।चोकसी ने एंटीगुआ सरकार के कॉमनवेल्थ एग्रीमेंट के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस एग्रीमेंट के तहत भारत और एंटीगुआ में प्रत्यर्पण संधि न होने के बावजूद चोकसी को भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है। भारत के साथ 2001 में एंटीगुआ के मंत्री ने यह करार किया था। इसे 'कॉमनवेल्थ कंट्रीज अमेंडमेंट ऑर्डर' के नाम से जाना जाता है।  कॉमनवेल्थ देशों के साथ यह करार होने के बाद भारत और एंटीगुआ प्रत्यर्पण के दायरे में स्वतः आ जाते हैं। एंटीगुआ के अटॉर्नी जनरल ऑफिस ने यह जानकारी दी है। इस बाबत स्थानीय सरकार को पक्षकार बनाते हुए चोकसी की ओर से नोटिस जारी किया गया है।इधर भारत में अभी हाल में मेहुल चोकसी के साथी दीपक कुलकर्णी को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। दीपक कुलकर्णी हांगकांग से भारत आ रहा था, जिस समय उसे गिरफ्तार किया गया था। कुलकर्णी को पीएमएल एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है।सूत्रों की मानें, दीपक ही हांगकांग में मेहुल चोकसी का पूरा बिजनेस संभालता था। यहां तक कि वह चोकसी की किसी फर्जी कंपनी का डायरेक्टर भी था। सीबीआई और ईडी की तरफ से दीपक के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था, तभी से उसकी तलाश चल रही थी।