पुलिस हिरासत में पाटीदार युवक की मौत पर घमासान, कांग्रेस ने कल बुलाया बंद

मेहसाणा (7 जून): गुजरात के मेहसाणा में पुलिस हिरासत में संदिग्ध हालत में पाटीदार युवक की मौत पर घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस कल इस सिलसिले में उत्तर गुजरात के बंद का ऐलान किया है। वहीं बढ़ते दवाब के बाद सरकार ने मामले में FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

मृत युवक केतन पटेल की मौत के बाद उसके परिवार वालों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए डेड बॉडी लेने से इंकार कर दिया है। दरअसल केतन पटेल को दो दिन पहले पुलिस ने चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उसे मेहसाणा सबजेल भेज दिया गया था। हालांकि वहां पर कल देर शाम उसकी तबियत खराब होने के बाद उसे मेहसाणा सिविल अस्पताल लाया गया था। जहां उसकी मौत होने के बाद परिवार वालों ने पुलिस पर केतन पटेल को जान से मारने का आरोप लगा है।

केतन पटेल के परिवार वालों का आरोप है कि उसे पुलिस कस्टडी में इतना मारा गया कि सबजेल में बंद करने के बाद ही उसकी तबियत खराब हो गई। परिवार वालों का कहना है कि केतन पटेल के शरीर पर चोट के निशान हैं। इन निशानों को देखकर साफ पता चलता है कि पुलिस ने उसे कितनी बेरहमी से पीटा है। केतन पटेल की संदिग्ध हालात में मौत के बाद पाटीदार समाज मेहसाणा सिविल पर इकट्ठा हो गया। पाटीदार मांग कर रहे हैं कि केतन पटेल की मौत को लेकर पुलिस के खिलाफ पहले FIR दर्ज हो। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने भी संदिग्ध हालात में हुई युवा कि मौत को लेकर कहा कि मेहसाणा शहर में एक युवक को पुलिस ने बेरहमी से मारा। इस पिटाई से उसकी मौत हो गई. एक बार फिर से पुलिस की गुंडागर्दी देखने को मिली।

गौरतलब है कि मेहसाणा को पाटीदारों का गढ़ माना जाता है। यहां पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा भी भड़की थी। यहां हुई हिंसा की वजह से हार्दिक पटेल पर भी केस दर्ज है। इसकी वजह से हार्दिक पटेल के मेहसाणा जिले में जाना भी प्रतिबंधित है।