भारत और पाकिस्तान सीमा पर शांति की प्रतिबद्धता का सीएम महबूबा ने किया स्वागत

नई दिल्ली ( 30 मई ): जम्मू कश्मीर में सीमा पर गोलीबारी रोकने के लिए भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियानों के महानिदेशक (डीजीएमओ) 2003 के संघर्ष विराम समझौते को ‘पूरी तरह से लागू करने’ पर मंगलवार को सहमत हुए। इसके बाद जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच बनी सहमति का स्वागत किया और कहा कि इससे राज्य के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमाओं पर शांति लाना व्यापक समझ का पहला आवश्यक कदम है। साथ ही उन्होंने इसके कायम रहने की आशा भी व्यक्त की। महबूबा ने ट्वीट किया, दोनों डीजीएमओ के सीमा पर संघर्ष विराम की प्रतिबद्धता को दोहराने का तहे दिल से स्वागत। यह कदम राज्य में लोगों के लिए बड़ी राहत लाएगा।उन्होंने लिखा, व्यापक समझ के लिए हमारी सीमाओं पर शांति पहला महत्वपूर्ण कदम है और मैं वास्तव में उम्मीद करती हूं कि यह कायम रहेगी। आपको बता दें कि थल सेना ने कहा है कि दोनों सैन्य कमांडरों ने शाम छह बजे 'हॉटलाइन' पर बातचीत के दौरान जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। विशेष हॉटलाइन संपर्क की पहल पाकिस्तानी डीजीएमओ ने की।भारत के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान और पाकिस्तान के मेजर जनरल साहिर शमशाद मिर्जा के बीच बातचीत के बाद दोनों सेनाओं ने समान बयान जारी कर कहा कि दोनों देश 15 साल (वर्ष 2003) पुराने संघर्ष विराम समझौते को पूरी तरह से लागू करने पर सहमत हुए हैं। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोनों ओर से संघर्ष विराम का उल्लंघन न हो।