यासीन मलिक की गिरफ्तारी पर तिलमिलाई महबूबा, घाटी में बढ़ाई गई फोर्स

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (23 फरवरी): पुलवामा हमले के बाद सरकार ने अलगाववादियों से सुरक्षा वापस लेने का जो कड़ा फैसला लिया था, अब उससे आगे बढ़ते हुए कट्टरवादियों पर नकेल कसना भी शुरू कर दिया है। घाटी में फोर्स की तैनाती में भी इजाफा करने के अलावा अलगाववादी नेता यासीन मलिक को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा जमात-ए-इस्लामी के करीब दर्जन भर नेताओं को भी अरेस्ट किया गया है। सरकार के इस कड़े एक्शन से पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती तिलमिला उठीं हैं।

कश्मीर घाटी में अलगाववादी नेताओं की गिरफ्तारी के बाद महबूबा मुफ्ती उनके समर्थन में उतर आई हैं। हुर्रियत नेताओं की गिरफ्तारी पर महबूबा मुफ्ती ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए ट्वीट किया है। अपने ट्वीट में महबूबा ने कहा, ''पिछले 24 घंटों में हुर्रियत नेताओं और जमात संगठन के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। ऐसे मनमाने कदम को समझने में विफल हूं, जो केवल जम्मू-कश्मीर में मामलों को सुलझाएगी। किस कानूनी आधार के तहत उनकी गिरफ्तारी जायज है? आप सिर्फ किसी व्यक्ति को कैद कर सकते हैं, लेकिन उसके विचारों को नहीं।''

माना जा रहा है कि अनुच्छेद 35-ए पर 26 फरवरी के आस-पास सुनवाई के दौरान किसी बवाल की आशंका के एहतियात के लिए यासीन मलिक क गिरफ्तार किया गया है। यासीन मलिक को देर रात उनके मैसूमा निवास से गिरफ्तार किया गया है। खबरों के मुताबिक, उन्हें फिलहाल कोठीबाग पुलिस स्टेशन स्थानांतरित कर दिया गया है।

अर्धसैनिक बलों की 100 अतिरिक्त कंपनियां भेजीं
इसी के मद्देनजर सरकार ने जम्मू-कश्मीर में तत्काल प्रभाव से अर्धसैनिक बलों की 100 अतिरिक्त कंपनियों को तैनात किया है। इनमें 45 सीआरपीएफ, 35 बीएसएफ, 10 एसएसबी और 10 आईटीबीपी की कंपनियां शामिल हैं।