महबूबा के तेवर सख्त, अनुच्छेद 370 और 35ए पर समझौता नहीं

नई दिल्ली (11 अगस्त): जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान महबूबा ने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी से अनुच्छेद 35 A पर बात हुई है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हमारे एजेंडे में ये तय था कि आर्टिकल 370 के तहत राज्य को मिल रहे स्पेशल स्टेटस में कोई बदलाव नहीं होगा। पीएम ने भी इस मुद्दे पर सहमति जताई है और भरोसा दिया है।

वहीं उन्होंने 35ए के मुद्दे पर कहा कि राज्य में स्थिति सुधर रही है, उसके लिए कई तरह के निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 35 ए के हटने से राज्य में निगेटिव मैसेज जाएगा, जिससे राज्य में काफी असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में काफी विविधताएं हैं। पिछले वर्ष राज्य में हालात काफी बिगड़े थे, अब 35ए के दोबारा चर्चा में आने से लोग फिर चिंतित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मैंने पीएम को कहा कि कश्मीर अभी मुश्किल हालात से गुजर रहा है। लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर एक मुस्लिम बहुल राज्य है, उनके लिए विशेष दर्जा होना चाहिए। वहीं गुरुवार को महबूबा मुफ्ती ने इसी मुद्दे पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की।

इस बीच खुफिया एजेंसियों को भी जानकारी मिली है कि घाटी में अलगाववादी सगंठन और सीमा पार की पाकिस्तान खुफिया एजेंसी इस आर्टिकल के बहाने एक बड़ी साजिश रचने की तैयारी में हैं।

इस अनुच्छेद को लेकर जम्मू कश्मीर की सभी राजनीतिक पार्टियां एकजुट होती दिख रही हैं। सभी दलों ने इसे एक सुर में बनाए रखने की बात कही है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला तो यहां तक कह चुके हैं कि अगर 35A हटाया जाता है तो राज्य में बड़ा विद्रोह होगा। वहीं, सीएम महबूबा मुफ्ती ने पिछले महीने ही बयान दिया था कि अगर राज्य के कानूनों से छेड़छाड़ हुई तो कश्मीर में तिरंगा थामने वाला कोई नहीं होगा।

जानें क्या है अनुच्छेद 35A अनुच्छेद 35A के तहत संविधान की एक विशेष ताकत जम्मू-कश्मीर की विधानसभा को दी गई है। इसके तहत वह अपने आधार पर ‘स्थायी नागरिक’ की परिभाषा तय कर सकते हैं। साथ ही उन्हें चिन्हित कर विभिन्न विशेषाधिकार भी दिया जा सकता है। धारा 370 जम्मू-कश्मीर को कुछ विशेष अधिकार प्रदान करता है। 1954 के एक आदेश के बाद अनुच्छेद 35A को संविधान में जोड़ा गया था।