घाटी के पत्थरबाजों पर जमकर बरसी महबूबा मुफ्ती

आसिफ सुहाग, श्रीनगर (22 अगस्त): पिछले 46 दिनों से घाटी की आग ठंडी होने का नाम ही नहीं ले रही है। अलगाववादी लगातार माहौल बिगाड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी घांटी को सुलगाने वाली ताकतों पर जमकर बरसीं। उन्होंने साफ-साफ कहा कि मुट्ठी भर लोग अपने स्वार्थ के लिए कश्मीर को सुलगा रहे हैं।

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कुछ मुट्ठी भर लोग अपने निजी स्वार्थों के लिए कश्मीर में लोगों को भड़का रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह छोटा तबका राज्य में पीडीपी-बीजेपी के गठबंधन से खुश नहीं है और इसके लिए समस्याएं खड़ी कर रहा है। महबूबा ने प्रदर्शनकारियों और अलगाववादियों को बच्चों का इस्तेमाल पर लताड़ा तो दिन में पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अगुवाई में सूबे के विपक्षी दलों का एक दल प्रधानमंत्री से मिला। जिसमें सूबे के जमीनी हालात से प्रधानमंत्री को रु-ब-रु करवाने की कोशिश हुई। उमर अब्दुल्ला ने पीएम से घाटी के हालात से निपटने के लिए राजनीतिक तरीके यानी सभी पक्षों से बातचीत की मांग की।

उमर अब्दुला ने घाटी में सुरक्षाबलों द्वारा इस्तेमाल की जानेवाली पैलेट गन पर भी रोक लगाने की मांग की। प्रधानमंत्री ने भी चिंता जताते हुए कहा कि कश्मीर समस्या के समाधान के लिए बातचीत शुरू होना बहुत जरूरी है। चाहे कश्मीर के युवा हों या फिर सुरक्षा बल किसी की भी जान जाती है तो ये पूरे देश का नुकसान है। विपक्ष की इस पहल का महबूबा मुफ्ती ने स्वागत किया।

वहीं, देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने भी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि कश्मीर समस्या राजनीतिक तौर पर सुलझाई जानी चाहिए, इसका कोर्ट से समाधान नहीं निकल सकता। कश्मीर घाटी में आतंकी बुरहान वानी की एनकाउंटर में मौत के बाद तनाव है। घाटी की हिंसा में अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है और 5,000 लोग घायल हो गए हैं।