सत्ता में कांग्रेस लेकिन BJP सरकार में रहे स्पीकर ने 40 विधायकों को बांट दिए आवास



केजे श्रीवत्सन, जयपुर (20 दिसंबर): राजस्थान में कांग्रेस की सरकार शपथ ले चुकी है, लेकिन पिछली भाजपा सरकार में विधानसभा अध्यक्ष बनाए गए कैलाश मेघवाल लगता है अभी भी अपनी सत्ता चला रहे हैं। नए स्पीकर का चयन होने से पहले ही गत 16 दिसंबर को मेघवाल ने 40 विधायकों को आवास आवंटित कर दिए। वह भी उस वक़्त जब सूबे के राज्यपाल कल्याण सिंह 12 दिसंबर को 14वीं विधानसभा को भंग कर नई सरकार को शपथ भी दिला चुके हैं। वैसे इसे पहले कांग्रेस के पक्ष के आये चुनाव नतीजों के साथ ही वसुंधरा राजे ने भी अपने लिए सरकारी अधिकारीयों के मार्फ़त सिविल लाईन्स का 13 नंबर का बंगला अगले पांच सालों के लिए आवंटित करवा लिया था और इन दोनों ही फैसलों की भनक सत्तारूढ़ कांग्रेस को लगने तक नहीं दी थी।


बीजेपी के नेता कांग्रेस सरकार के सत्ता को पूरी तरह संभालने से पहले ही गुपचुप तरीके से अपने लिए अब भी आदेश निकलवा रहे हैं। ताजा मामला 14 वीं विधानसभा के अध्यक्ष कैलाश मेघवाल के एक फैसले से जुड़ा है जिसके तहत उन्होंने 15 वीं विधानसभा के लिए चुनकर आये नए विधायकों सरकारी मकान आवंटित करने का फरमान जारी कर दिया। वह भी उस वक़्त जबकि अब तक नए चुनकर आने वाले विधायकों को विधानसभा में शपथ तक नहीं दिलाई गयी है।


दरअसल इस फैसले के बाद कैलाश मेघवाल खुद ही सवालों में घिर गए हैं। विधानसभा के आदेश के अनुसार कैलाश मेघवाल ने 14 कांग्रेस, 19 BJP, एक आरएलडी व तीन निर्दलीयों को आवास देने के ऑर्डर जारी कर दिए। ये सभी ये विधायक है जो की हाल ही में हुवे विधानसभा का चुनाव तो जीतकर आये हैं लेकिन अब तक इनमे से किसी ने भी विधानसभा की सदस्यता तक ग्रहण नहीं की है और ना ही कैलाश मेघवाल के पास इन विधायकों के चुने जाने की कोई अधिकृत जानकारी चुनाव आयोग या राजभवन की तरफ से भिजवाई गयी है। विधानसभा के ठीक सामने स्थित विधायक नगर पश्चिम में सबसे ज्यादा 16 आवास आवंटित किए गए हैं। जबकि गांधीनगर में 8, विधायक नगर पूर्व में 7 और जालूपुरा में 6 विधायकों को आवास आवंटित किए गए हैं। ऐसे में कांग्रेस ने नियमों को टाक पर रखकर पद के दुरूपयोग का कैलाश मेघवाल पर आरोप लगा दिया है।


वैसे नियमानुसार नए- पुराने विधायकों को विधानसभा की हाउस कमेटी ही आवास आवंटित कर सकती है, लेकिन अध्यक्ष ने 40 विधायकों को आवास आवंटित कर दिए. ऐसे में CMO ने भी विधानसभा सचिव को पत्र लिखकर इस पुरे मामले पर जवाब मांगा है की कैलाश मेघवाल ने कितने लोगों को और किस आधार पर सरकारी आवास आवंटित किया है।