खदान में फंसे मजदूरों को बचाने निकली एयरफोर्स की टीम

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (28 दिसंबर):
मेघालय में कोयले खादान में पिछले 15 दिन से फंसे मजदूरों को निकालने के लिए एयरफोर्स की टीम रवाना हो गई है। वह अपने साथ खदान से पानी निकाले के लिए 20 बड़े पंप भी साथ ले गई है। वहां पर फंसे मजदूरों को सबसे बड़ी मुश्किल खदान में भरे पानी की वजह से आ रही है। श्रमिक 370 फुट अवैध खदान में फंसे हुए हैं।

एयरफोर्स के सूत्रों के मुताबिक, मजदूरों के बचाने के लिए भारतीय वायुसेना के एयरक्राफ्ट C-130J ने NDRF के जवानों और जरूरी उपकरणों को लेकर भुवनेश्वर से उड़ान भर ली है। यह एयरक्राफ्ट गुवाहाटी में लैंड करेगा। ये जवान जयंतिया हिल्स जिले में स्थित इस खदान में दोपहर तक पहुंचेंगे। भारतीय वायु सेना के प्रवक्ता रत्नाकर सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने वायु सेना से बचावकर्मियों को भुवनेश्वर से या तो गुवाहाटी तक या शिलांग हवाई अड्डे तक शुक्रवार को पहुंचाने का आग्रह किया है।

भारतीय वायु सेना और कोल इंडिया के बचावकर्मी ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में स्थित इस खदान में अब उपकरणों के साथ बचाव कार्य में जुट गए हैं। मेघालय की खदान में पिछले 15 दिनों से फंसे हुए खनिकों को बचाने के कार्य में पंप उत्पादन करने वाली दिग्गज भारतीय कंपनी किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड ने मदद की पेशकश की है। कंपनी ने खदान से पानी निकालने में जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने को कहा है। इससे पहले किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड की दो टीम मदद के लिए बृस्पतिवार को यहां पहुंची।

वहीं राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने गुरुवार को मीडिया में आ रही उन खबरों का खंडन किया जिसमें यह कहा गया था कि खदान में फंसे मजदूरों की मौत हो जाने का संदेह है क्योंकि एनडीआरएफ के गोताखोर जब खदान में उतरे थे उन्होंने ‘दुर्गंध’ महसूस की थी। गुरुवार को लोकसभा में  कांग्रेस नेता विंसेट पाला ने मेघालय की एक कोयला खदान में पिछले दो सप्ताह से फंसे खनिकों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए आवश्यक मशीनरी उपलब्ध कराए।