शहीद का ये कैसा अपमान ? अंतिम विदाई में सलामी देने नहीं पहुंचा कोई अधिकारी

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (23 नवंबर): पंजाब में पंद्रह दिन पूर्व आतंकी हमले में घायल हुए मेरठ निवासी बीएसएफ जवान ने बुधवार रात जलालाबाद के एक हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर से घर में कोहराम मच गया। बताया जा रहा है कि शहीद का पार्थिव शरीर शुक्रवार सुबह उनके पैतृक गांव पहुंचा। इस दौरान कोई भी स्थनीय पुलिस अधिकारी शहीद को सलामी देने नहीं पहुंचा। यहां तक कि प्रशासन की ओर से भी कोई पुलिसकर्मी शहीद को सलामी देने नहीं पहुंचा।

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बता दें कि किठौर में गोविंदपुर-शकरपुर निवासी बीएसएफ में तैनात सनोज (30 वर्ष) पुत्र नवाब सिंह 8 नवंबर की रात को पेट में गोली लगने से घायल हो गए थे उनकी बुधवार रात जलालाबाद के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। जवान की मौत की खबर सुनकर गांव में कोहराम मच गया।

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वहीं सपा नेता अतुल प्रधान और परिवार के लोग बीएसएफ जवान को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। शहीद सनोज (30) पुत्र नबाव सिंह पंजाब के जलालाबाद में बीएसएफ की 118 बटालियन में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। गत आठ नवंबर की रात लगभग एक बजे ड्यूटी पर तैनाती के दौरान हुए आतंकी हमले में गोली लगने से घायल हो गए थे। आनन-फानन में उन्हें जलालाबाद के एक सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार नहीं होने की वजह से उन्हें किसी दूसरे नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार की रात उन्होंने दम तोड़ दिया।