पुलेला गोपीचंद: बैडमिंटन के इस 'द्रोणाचार्य' ने एकेडमी बनाने के लिए रख दिया था घर गिरवी

- डॉ. संदीप कोहली

नई दिल्ली (19 अगस्त): पीवी सिंधु हो या साइना नेहवाल इनकी कामयाबी के पीछे जिस शक्स का सबसे ज्यादा योगदान रहा है वह हैं पुल्लेला गोपीचंद। गोपीचंद ने द्रोणाचार्य बनकर अपने शिष्यों को 'अर्जुन' के तरह बनाया और देश को पदक दिलाया। कामयाबी के जिस शिखर पर गोपीचंद खुद नहीं पहुंच पाए, उस स्तर पर अपने शिष्यों को पहुंचा दिया है। ऐसे गुरू को हमारा सलाम है। गोपीचंद ने सिर्फ एक गुरू ही नहीं बल्कि एक दोस्त की तरह भी उनका साथ दिया। एक पिता की तरह उनके के लिए क्या सही है या गलत है, समझाया। 

मुश्किलों से बनाई एकेडमी... गिरवी रख दिया था अपना घर  - 2003 में आंध्र सरकार ने पुल्लेला गोपीचंद को एकेडमी के लिए पांच एकड़ जमीन आवंटित की थी। - जमीन तो मिल गई लेकिन एकेडमी के लिए पैसों का बंदोबस्त करना गोपीचंद के लिए मुश्किल हो गया। - कोई मदद के लिए सामने नहीं आया ना बॉलीवुड से उद्योग जगत से। - उन्होंने अकेडमी बनाने के लिे अपना घर गिरवी तक रख दिया था। - बाद में मैट्रिक्स ग्रुप के चैयरमैन निम्मागड्डा प्रसाद मदद के लिए सामने आए। - निम्मागड्डा प्रसाद ने एकेडमी के लिए गोपीचंद को दो करोड़ का चेक दे दिया। - प्रसाद जानते थे कि गोपीचंद पैसे वापस नहीं लौटा पाएंगे। - ऐसे में उन्होंने उनसे कहा कि गोल्ड मेडल के लिए खिलाड़ी बनाओ, पैसे लौटाने की चिंता ना करो। - अकेडमी तो बन गई लेकिन अभी भी बजट से जुझ रही है। - अकेडमी में देश के 120 बच्चे ट्रेनिंग ले रहे हैं। - महीने की फीस सिर्फ 2000 से 15000 के बीच है। - अकेडमी में दो चीनी कोच चार इंडोनेशियाई कोच समेत आठ कोच हैं। - अकेडमी में तीन फिजियोलोजिस्ट हैं, अकेडमी में प्रैक्टिस के लिए आठ कोर्ट हैं। - इसके अलावा, हेल्थ कल्ब, रिहेब कल्ब, वेल्नस सेंटर, रनिंग ट्रेक, आईस एंड स्टिम बाथ की सुविधा भी उपल्बध हैं।