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मेरठ में लड़की से बदसलूकी के मामले में 41 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

मेरठ में मेडिकल कॉलेज के बीए नर्सिंग के दो अलग संप्रदाय के छात्र- छात्राओं को लेकर रविवार को विश्व हिंदू परिषद द्वारा किए गए हंगामे के मामले में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक विडियो के कारण अब मेरठ पुलिस आलोचना का शिकार हो रही है। इस मामले में महिला कॉन्स्टेबल सहित 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही इनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं पुलिस ने इस मामले में 18 नामजद और 23 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (26 सितंबर): मेरठ में मेडिकल कॉलेज के बीए नर्सिंग के दो अलग संप्रदाय के छात्र- छात्राओं को लेकर रविवार को विश्व हिंदू परिषद द्वारा किए गए हंगामे के मामले में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक विडियो के कारण अब मेरठ पुलिस आलोचना का शिकार हो रही है। इस मामले में महिला कॉन्स्टेबल सहित 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही इनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं पुलिस ने इस मामले में 18 नामजद और 23 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

 

सोशल मीडिया पर वायरल विडियो में एक महिला पुलिसकर्मी छात्रा की पिटाई करते दिख रही है। वहीं इस विडियो में पुलिस वाले छात्रा के दोस्त को लेकर उस पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते भी दिख रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस विडियो में पुलिसकर्मी जबरन छात्रा का चेहरा भी सार्वजनिक करते दिखे।दरअसल, रविवार को मेरठ के जागृति विहार स्थित एक मकान में विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर छापेमारी की थी। इस दौरान इस घर में मौजूद मेडिकल कॉलेज की एक छात्रा और छात्र पर संगठन के लोगों ने गलत काम करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। आरोप है कि वीएचपी कार्यकर्ताओं ने यहां मौजूद छात्र की पिटाई की थी और छात्रा के साथ भी दुर्व्यहवार किया था। बताया जा रहा है कि घर में मौजूद छात्र और छात्रा अलग-अलग संप्रदाय के थे।छात्रा को थाने लाकर की गई पूछताछ इस हंगामे के बीच मौके पर पहुंची पुलिस दोनों का थाने पर ले आई थी,जहां पूछताछ में छात्रा ने बताया कि वह हापुड़ की रहने वाली है और कॉलेज के छात्रावास में रहती है। पुलिस की पूछताछ में छात्रा ने कहा कि वह अपने दोस्त के घर पर पढ़ाई के लिए आई थी। हालांकि इस बयान के बाद भी पुलिस ने दोनों को देर शाम तक थाने पर बैठाए रखा, वहीं छात्रा के परिजनों के आने के बाद उसे और उक्त युवक को छोड़ दिया गया।  

सीओ ने की थी कार्रवाई की संस्तुति इस पूरे घटनाक्रम के बाद मंगलवार को सोशल मिडिया में वायरल हुए एक वीडियो से यह मामला फिर से चर्चा का विषय बन गया। विडियो में छात्रा की पिटाई, आपत्तिजनक टिप्पणी और पहचान सार्वजनिक होने की बात सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। एडीजी मेरठ जोन प्रशांत किशोर ने बताया, 'विडियो में दिख रहे चारों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है।'  

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