व्यापमं: GMC मेडिकल के MBBS के 47 स्टूडेंट बर्खास्त


भोपाल(31 मार्च): व्यावसायिक परीक्षा मंडल के प्री-मेडिकल टेस्ट में गड़बड़ी कर गांधी मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने वाले 47 स्टूडेंट्स को गुरुवार को कॉलेज डीन ने बर्खास्त कर दिया। इनमें से 22 छात्र एमबीबीएस अंतिम वर्ष के हैं। कॉलेज डीन डॉ. एमसी सोनगरा ने यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट से पीएमटी गड़बड़ी मामले में मिले निर्देशों के तहत की है।


इसके साथ ही कॉलेज से पढ़ाई कर डिग्री पूरी कर डॉक्टर बने 25 स्टूडेंट्स के एडमिशन के साथ डिग्री निरस्त कराने के लिए मध्यप्रदेश मेडिकल यूनिवर्सिटी को पत्र लिखा है। ताकि संबंधितों के मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रेशन निरस्त हो सकें।


डॉ. सोनगरा ने बताया कि इन छात्रों ने वर्ष 2008 से 2012 के बीच दाखिला लिया था। व्यावसायिक परीक्षा मंडल और चिकित्सा शिक्षा संचालनालय की ज्वाइंट कमेटी ने इन स्टूडेंट्स को शुरुआती जांच में संदिग्ध घोषित किया था।


कमेटी ने फिंगर प्रिंट और फोटो की जांच के बाद इन स्टूडेंट्स को गड़बड़ी करने का आरोपी ठहराया था। साथ ही कोहेफिजा पुलिस थाने में सभी के खिलाफ एफआईआर कराई थी। इस मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है।


डीन डॉ. सोनगरा के अनुसार, पीएमटी 2013 गड़बड़ी की जांच कर रही एसटीएफ ने भी पीएमटी 2008 से 2012 तक की जांच की थी। जांच में अारोपों को सही पाया गया था। इसके बाद अलग से संबंधितों के खिलाफ एफआईआर कर जांच शुरू की थी।


एसटीएफ की जांच रिपोर्ट के आधार पर इन स्टूडेंट्स के एडमिशन निरस्त करने की कार्रवाई तत्कालीन कॉलेज डीन डॉ. बीपी दुबे ने की थी। लेेकिन, सभी को सुप्रीम कोर्ट से अस्थायी रूप से राहत मिल गई थी। इसके चलते गड़बड़ी के आरोपियों में शामिल पीएमटी 2012 के स्टूडेंट्स कॉलेज में पढ़ रहे थे, जबकि 25 प्रैक्टिस कर रहे हैं। सभी 47 छात्रों की बर्खास्तगी के बाद अब वह अपनी डिग्री पूरी नहीं कर पाएंगे।