रियो ओलिंपिक: भारत को इन खिलाड़‍ियों से हैं पदक की उम्मीद...

नई दिल्ली (4 अगस्त): रियो ओलिंपिक 5 से 21 अगस्त के बीच खेला जाएगा। खेलों के सबसे बड़े महाकुंभ में दुनियाभर के खिलाड़ियों ने जमकर तैयारी की है, भारतीय खिलाड़ी भी मेडल जीतने के लिए कड़ी ट्रेनिंग से गुजरे हैं और मेडल के लिए अपना दावा पेश कर रहे हैं।

27 जुलाई से 12 अगस्त के बीच 2012 में हुए लंदन ओलिंपिक में भारत के 83 एथलीट्स शामिल हुए, जो किसी भी ओलिंपिक में शामिल सबसे बड़ा भारतीय दल था। 83 एथलीट्स के होने के बावजूद भारतीय टीम सिर्फ़ 6 मेडल ही जीत सकी। इस बार 100 से ज़्यादा एथलीट्स शामिल हो रहे हैं। ऐसे में उम्मीद है भारत पहले से ज़्यादा मेडल जीतेगा।

आइए नज़र डालते हैं टॉप 5 भारतीय एथलीट्स पर जिनसे है पदक की उम्मीद...

विकास कृष्णन (बॉक्सिंग) विजेंदर सिंह के प्रो-बॉक्सिग में जाने के बाद रियो में भारत पदक की उम्मीद विकास कृष्णन से कर सकता है। विकास पिछले कुछ सालों से शानदार फ़ॉर्म में हैं। विकास ने 2011 में अज़रबैजान में वर्ल्ड चैंपियनशिप और 2014 में एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीता था। ज़ाहिर है इस बार वो ओलिंपिक में पदक जीतना चाहेंगे।

जीतू राय (निशानेबाज़ी) 10 मीटर एयर पिस्टल में जीतू राय से भारत को पदक की उम्मीद है। जीतू ने बाकू में वर्ल्ड कप में सिल्वर मेडल जीतकर ओलिंपिक में मेडल के लिए दावा ठोका है। पिछले 3 साल में जीतू ने वर्ल्ड कप में 6 पदक जीते हैं। ऐसे में उनसे निशानेबाज़ी में फ़ैन्स पदक की उम्मीद कर सकते हैं।

लिएंडर पेस (टेनिस) लिएंडर पेस भारत की तरफ़ से रिकॉर्ड सातवीं बार ओलिंपिक खेलेंगे। पुरुष डबल्स के मुक़ाबले में वो रोहन बोपन्ना के कोर्ट में उतरेंगे। पेस इस साल फ़ेंच ओपन में मिक्स्ड डबल्स का ख़िताब जीत चुके हैं। 1996 ओलिंपिक में कांस्य पदक विजेता से पदक की उम्मीद बंधती है।

नरसिंह यादव (कुश्ती) सुशील कुमार और नरसिंह यादव के बीच रियो जाने को लेकर हुए विवाद ने कुश्ती की चमक कम कर दी है। रियो खेल के 74 किलोग्राम कैटेगरी में नरसिंह अपनी दावेदारी पेश करेंगे। 2010 कॉमनवेल्थ में गोल्ड और 2014 एशियन गेम्स में नरसिंह कांस्य पदक जीत चुके हैं।

सायना नेहवाल (बैडमिंटन) बैडमिंटन में भारत की चुनौती 26 साल की सायना नेहवाल पेश करेंगी। पिछले साल ख़राब फ़ॉर्म को पीछे छोड़ते हुए सायना ने इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन का ख़िताब जीता। ज़ाहिर है लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक विजेता सायना की नज़र इस बार स्वर्ण पदक पर होगी।