रियो: मेडल की उम्मीद जगी, टेनिस में इतिहास रचने से एक कदम दूर भारत

नई दिल्ली(13 अगस्त): रियो ओलंपिक शुरू हुए 7 दिन हो गए हैं, लेकिन भारत की मेडल झोली अभी भी खाली है। हालांकि शुक्रवार का दिन भारत के लिए अच्छा रहा और टेनिस में सानिया-बोपन्ना की जीत के बाद मेडल की उम्मीद जग गई है। वहीं हॉकी में कनाडा से ड्रा खेलने के बाद भारत पहले ही क्वार्टरफाइनल में जगह बना चुका है। बॉक्सिंग में विकास कृष्ण की जीत के बाद पदक की आस अभी भी बनी हुई है, तो वहीं बैडमिंटन में साइना नेहवाल से सिंगल्स में उम्मीद बरकरार है।

एक और जीत के बाद पक्का हो जाएगा भारत का सिल्वर मेडल

- सानिया और बोपन्ना ने ब्रिटेन के एंडी मरे और उनकी जोड़ीदार हीथर वॉटसन को 6-4, 6-4 से मात देकर अंतिम चार में जगह बनाई। चौथी वरीयता प्राप्त भारतीय युगल जोड़ी क्वॉर्टरफाइनल मुकाबले में हावी रही और 67 मिनट में ही मैच अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही भारत पदक की ओर बढ़ गया है। सेमीफाइनल में जीत के बाद सानिया मिर्जा और बोपन्ना का सिल्वर मेडल पक्का हो जाएगा। जबकि हार के बाद उन्हें कांस्य पदक के लिए मुकाबले में उतरना होगा।

- अपने लंबे ओलिंपिक इतिहास में भारत को टेनिस स्पर्धा में अब तक महज एक मेडल ही मिला है। 1996 के अटलांटा ओलिंपिक में लिएंडर पेस ने पुरुष सिंगल्स टेनिस स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। युगल मुकाबले में एंडी मरे खासे थके हुए दिखाई दे रहे थे। इसकी वजह शायद यह भी थी कि वह सिंगल्स क्वॉर्टरफाइनल के विजयी मुकाबले के बाद इस मैच में खेलने उतरे थे। तीन ग्रैंडस्लैम खिताब विजेता और ओलिंपिक की पुरुष सिंगल्स स्पर्धा के मौजूदा चैंपियन मरे आगे आने वाले बड़े मुकाबलों के लिए अपनी एनर्जी बचाते हुए दिखे।

 

- भारत के मुक्केबाज़ विकास कृष्ण ने तुर्की के ओनेदर सिपाल को हरा कर क्वार्टर फायनल में जगह बना ली है।

- याद रहे कुश्ती में योगेश्वर दत्त और नरसिंह यादव का मुकाबला अभी बाकी है। दोनों ही खिलाड़ी मेडल के प्रबल दावेदार है।