आपके पैसे पर नजर रखने के लिए सरकार ने उठाए अब तक ये कदम

नई दिल्ली(8 नवंबर): सरकार काले धन को खत्म करने को लेकर मिशन पर है। पीएम मोदी ने आज से एक साल पहले 500 और 1000 रुपये के नोटों को बैन कर इस तरफ पहला कदम रखा। और पिछले एक साल से ज्यादा समय से आपके पैसे पर नजर रखने के लिए सरकार ने अब तक कई बड़े कदम उठाए हैं।

इन्हीं में से कुछ ये हैं...

- सभी प्रकार के लेनदेन के लिए आधार जरुरी

- इस साल के बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली इनकम टैक्स एक्ट 1961(139 एए) लाए, जिसमें लोगों को नया पैन बनाने और इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए आधार नंबर देने जरुरी कर दिया। ये 1 जुलाई 2017 से प्रभावी कर दिया गया। 

-इस सेक्शन में आगे बताया गया कि मौजूदा पैन होल्डर को अपना पैन आधार से लिंक करना होगा। ऐसा नहीं करने पर उसका पैन अवैध हो जाएगा। हालांकि सरकार अभी तक इसकी अंतिम तारीख का ऐलान नहीं की है। 

-इस कदम के ऐलान के दौरान सरकार ने कहा कि ऐसा करने से डूप्लीकेट पैन रद्द हो जाएंगे। क्योंकि एक ही नंबर का आधार कार्ड एक से ज्यादा लोगों को जारी नहीं हो सकता। 

-वहीं इस साल सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2005 में संसोधन किया। नए नियम के मुताबिक सरकार नया बैंक खाता खोलने के लिए आधार जरुरी कर दिया। और मौजूदा खाताधारक जिनके पास आधार है उनको 31 दिसंबर 2017 तक आधार से लिंक करना होगा। ऐसा नहीं करने से आपके बैंक खाते का संचालन खतरे में पड़ सकता है। वहीं जिनके पास आधार नहीं है उनके लिए ये तारीख 31 मार्च, 2018 तक बढ़ा दी गई है। वहीं कंपनी, पार्टनरशिप फर्म्स को भी आधार देना होगा। 

- 50 हजार से ज्यादा लेनदेन के लिए आधार नंबर अनिवार्य कर दिया गया है। इससे पहले सिर्फ पैन देना होता था। 

- नकदी लेनदेन बैन

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2 लाख या इससे ज्यादा के नकदी लेनदेन पर रोक लगा दी। आईटी एक्ट का सेक्शन 269 एसटी कहता है कि कोई भी शख्स 2 लाख से ज्यादा की नकदी नहीं ले सकता। 

2 लाख से ज्यादा का लेनदेन डिजिटल माध्यम से ही किया जा सकता है। अगर नकदी लेनदेन 2 लाख से ज्यादा की होती है, तो जुर्माना लेने वाले पर लगेगा। सेक्शन 271 डीए के मुताबिक जो जुर्माना होगा वो जितनी रकम उसने ली है उसी के बराबर होगी।