पाक पर बोली सुषमा- बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते

नई दिल्ली (5 जून): मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने मंत्रालय का लेखा-जोखा पेश किया। उन्होंने पाकिस्तान से बातचीत के मुद्दे पर कहा कि हम बातचीत से हर मसल सुलझाना चाहते हैं,  लेकिन हम बातचीत के लिए किसी की मध्यस्त स्वीकार नहीं करेंगे।

इसी के साथ विदेश मंत्री ने कहा कि बातचीत और आतंकवाद फिलहाल एक साथ नहीं चल सकते। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ पठानकोट पर हमने सहयोग किया। उन्होंने कहा कि JET भेजेगे हमने कहा भेजो, लेकिन जांच अटकी हुई है।

पाकिस्तान पर सुषमा स्वराज ने कहा...

- विदेश मंत्रालय का वक्त पाकिस्तान पर नहीं बीतता। हमारे लिए वो एक देश है। बाकी देशों पर जो वक्त खर्च करते हैं, उतना ही पाकिस्तान पर खर्च करते हैं। तीन बातें याद रखें। बातचीत, बातचीत दो देशों की ही होगी, मध्यस्थता मंजूर नहीं। आतंकवाद और बातचीत साथ नहीं होगी। बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन 3 शर्तें हैं। शपथ में नवाज को बुलाया था। दो साल तक हाथ बढ़ाते रहे हैं।

- हमें क्या मिला? पठानकोट। जांच लटकी हुई है। इसलिए हमने तीन कसौटियां तय कर दीं। एक कदम आगे, दो कदम पीछे वाला मामला नहीं।

- अस्ताना में मोदी-नवाज के बीच बातचीत तय नहीं है। जाधव के मामले में मेरिट पर काम होगा। जाधव की फांसी पर रोक लगी हुई है। वहां हमारा पक्ष मजूबत है। कश्मीर को पाकिस्तान वहां नहीं ले जा सकता। ये बाइलेटरल मुद्दा है। आईसीजे में हमारे कई मुद्दे चल रहे हैं। इसमें सिंधु जल समझौता भी शामिल है। जाधव मामला वियना कन्वेंशन से जुड़ा है। वहां से हमें राहत मिली है।