मोदी-अखिलेश का UP में सामना करने के लिए मायावती का प्लान- 'मिशन क्लीन'

अशोक तिवारी, लखनऊ, (2 जून): उत्तर प्रदेश की सियासी खबरों में यह खबर हैं मायावती के प्लान की। खबर है कि मायावती जनता के सामने मोदी और अखिलेश यादव को घेरने के लिए मिशन क्लीन के तहत उतरना चाहती हैं। सियासत में बहिन जी के नाम से मशहूर मायावती चाहती हैं कि पार्टी के दागी नेताओं पर एक्शन दिखाकर जनता का भरोसा जीता जाए। 

पार्टी के चुनावों में सबसे पहले उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी बीएसपी सुप्रीमो मायावती के लिए ही सबसे ज्यादा मुश्किलें पैदा हो रही हैं। वजह है बीजेपी का दलित-ओबीसी वोटबैंक पर नजरें गड़ाना, कांग्रेस का ब्राह्मण वोटबैंक में सेंध लगाने की कोशिश करना और वोटों के धुर्वीकरण में मुस्लिमों के मुलायम के खाते में जाने का डर। इसीलिए खबर है कि मायावती उन नेताओं पर अपनी नजरें टेढ़ी कर रही हैं, जिनसे पार्टी की इमेज को रत्ती भर भी डेंट लगने का डर है। 

बीएसपी ने चार बार विधायक, 3 बार मंत्री रहे अब्दुल मन्ना को भाई समेत बाहर कर चुकी है। पीलीभीत के कद्दावर नेता फूल बाबू को पार्टी से बाहर किया गया। खबर है कि पार्टी अब उन नेताओं पर गाज गिराने वाली है जो उनकी इमेज पर दाग बनें। खबर है कि इलाहाबाद में 12-13 जून को होने वाली बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के दौरान मायावती के कुछ सिपाही और सेनापति बीजेपी का हाथ थाम सकते हैं। ऐसे में संभव है कि मायावती कुछ नेताओं को उससे पहले ही आउट कर सकती हैं। और मायावती पूरा जोर लगाएंगी इस बात पर कि कहीं बीजेपी उनके दलित वोटबैंक में सेंध ना लगा सके।    मायावती इन दिनों दो चीजों पर सबसे ज्यादा नजरें गड़ाए बैठी हैं। पहली कि टिकट बंटवारे में कौन पार्टी किस जाति का उम्मीदवार उतारती हैं। दूसरी बात ये कि छोटी पार्टियां किस बड़ी पार्टी के साथ जुड़ती हैं। इन सबके बीच मायावती का ध्यान दादरी बीफ कांड जैसे विवादित मुद्दों पर दूरी बनाकर रखने का भी है।