ऐसे बचा पाएंगी मायावती सरकारी बंगले को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से?

नई दिल्ली ( 21 मई ): सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास खाली कराए जाने के आदेश दिया है जिसके कुछ पूर्व मुख्यमंत्री शिफ्ट होने की तैयारी में हैं, लेकिन कुछ अभी भी बंगला खानी नहीं करना चाह रहे हैं। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीएसपी सुप्रीमो मायावती के नए ठिकाने की बात हो रही थी। लेकिन मायावती ने सरकारी बंगले पर 'श्री कांशीराम जी यादगार विश्राम स्थल' लिखे बोर्ड लटकवा दिए हैं। इन बोर्ड्स पर बीएसपी के संस्थापक कांशीराम की तस्वीर भी लगी है। सोमवार को ये बोर्ड्स 13-ए, माल एवेन्यू पर दिखाई दिए। इनको देख कर लगता है कि जैसे ये कांशीराम मेमोरियल है, लेकिन क्या ये तरीका मायावती के बंगले को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बचा पाएगा।इस बोर्ड के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि मायावती अभी भी बंगला छोड़ने की फिराक में नहीं है। गौरतलब है कि जब मायावती यूपी की मुख्यमंत्री थीं तो उनके बंगले के पास ही कांशीराम विश्राम स्थल हुआ करता था। बाद में कांशीराम विश्राम स्थल को कथित रूप से उन्होंने अपने बंगले से जोड़ लिया। इसके पीछे वजह यह थी कि उस वक्त कांशीराम विश्राम स्थल का मासिक किराया करीब 72 हजार रुपये था, वहीं मायावती के बंगले का मासिक किराया 4212 रुपये।कथित रूप से किराये बचाने के लिए दोनों (बंगला और कांशीराम विश्राम स्थल) को एकीकृत कर दिया गया। अब जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बंगले खाली करने की कवायद चल रही है, तो मायावती ने 13 ए, माल एवेन्यू के बाहर यह बोर्ड लगवा दिया है।