Blog single photo

वीरेंद्र सहवाग से अपनी तुलना पर मयंक अग्रवाल ने कही ये बड़ी बात

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर शानदार टेस्ट डेब्यू करने वाले बल्लेबाज मयंक अग्रवाल के चर्चे हर तरफ हैं। कई क्रिकेट पंडितों ने तो उनकी तुलना वीरेंद्र सहवाग से कर डाली। सहवाग से तुलना से खुश मयंक अग्रवाल ने कहा कि अगर वह इस पूर्व सलामी बल्लेबाज के चमकदार करियर का आधा भी हासिल कर लेंगे तो उन्हें खुशी होगी। पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर और उनके निजी कोच इरफान सैत को लगता है कि अग्रवाल में ‘सहवाग की थोड़ी झलक’ दिखती है,

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली (11 जनवरी):  ऑस्ट्रेलिया दौरे पर शानदार टेस्ट डेब्यू करने वाले बल्लेबाज मयंक अग्रवाल के चर्चे हर तरफ हैं। कई क्रिकेट पंडितों ने तो उनकी तुलना वीरेंद्र सहवाग से कर डाली। सहवाग से तुलना से खुश मयंक अग्रवाल ने कहा कि अगर वह इस पूर्व सलामी बल्लेबाज के चमकदार करियर का आधा भी हासिल कर लेंगे तो उन्हें खुशी होगी। पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर और उनके निजी कोच इरफान सैत को लगता है कि अग्रवाल में ‘सहवाग की थोड़ी झलक’ दिखती है, जिनके खेलने की शैली सहवाग की आक्रामक शैली की तरह दिखती है। सीरीज के बीच टीम में शामिल किए गए 27 साल के खिलाड़ी ने मेलबर्न और सिडनी में मौके का फायदा उठाकर 77, 76 और 42 रन की पारियां खेलीं, जिसने ऑस्ट्रेलिया में भारत की पहली टेस्ट जीत में अहम भूमिका निभाई।

कर्नाटक के इस बल्लेबाज ने स्वदेश लौटने के बाद पीटीआई से कहा, ‘ईमानदारी से कहूं, मैं तुलना का प्रशंसक नहीं हूं, लेकिन वह (सहवाग) भारतीय क्रिकेट में महान खिलाड़ियों में से एक हैं। मैं सिर्फ क्रीज पर जाकर अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता हूं और देखना चाहता हूं कि इसमें कितना अच्छा हो सकता है। यह कहने का मेरा मतलब है कि उन्होंने (सहवाग) जो किया है, अगर मैं उसका आधा भी कर लूं तो मुझे खुशी होगी।’

ऑस्ट्रेलिया में उनकी तीनों पारियों के दौरान उनके बल्ले पर एक भी प्रायोजक का लोगो नहीं था, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि उन्हें कोई प्रायोजक मिल जाएगा। अग्रवाल ने चोटिल पृथ्वी शॉ की जगह ली थी। शुरूआती दो टेस्ट में विफल होने के बाद लोकेश राहुल और मुरली विजय के टीम से बाहर कर दिया गया था, लेकिन उन्होंने जोश हेजलवुड, पैट कमिंस ओर मिशेल स्टार्क जैसे गेंदबाजों की कड़ी चुनौती का सामना किया। अग्रवाल ने कहा, ‘निश्चित रूप से, एमसीजी पर डेब्यू करना काफी विशेष था और सबसे अहम ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतना था। हम ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतने वाली उप-महाद्वीप की पहली टीम बन गए. इससे बेहतर शुरूआत नहीं हो सकती थी।’

Tags :

NEXT STORY
Top