केशव प्रसाद मौर्य और ओम माथुर का भारी विरोध, पीएम को खून से लिखा पत्र

नई दिल्ली ( 28 जनवरी ): उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए टिकट बंटवारे के बाद पूर्वांचल में हो रहे भारी विरोध को शांत करने के उद्देश्य से वारणसी पहुंचे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश प्रभारी ओम माथुर को पार्टी कार्यकर्ताओं के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। भाजपा कार्यकर्ताओं ने दोनों प्रमुख नेताओं के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए।

सुनील ओझा पर पैसे लेकर टिकट बांटने का आरोप लगाया। आलम यह रहा है कि बाबतपुर एयरपोर्ट से शुरु हुआ विरोध प्रदर्शन पूरे शहर में जारी रहा।

लखनऊ में भी पार्टी दफ्तर पर दिनभर हंगामा हुआ और प्रदेश अध्यक्ष का पुतला फूंका गया। बस्ती के कार्यकर्ताओं ने पीएम को खून से पत्र लिखकर भेजा है। इससे पहले, गुरुवार को बीजेपी नेता सुंदर लाल दीक्षित और रामबाबू द्विवेदी भी लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष की गाड़ी के आगे लेट गए थे।

कई जगहों पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने केशव प्रसाद मौर्य का काफिला रोककर नारेबाजी की और पार्टी के टिकट बंटवारे को भेदभावपूर्ण बताते हुए कई सीटों से पार्टी प्रत्याशियों को बदलने की मांग की। पार्टी कार्यकर्ताओं की इस मांग को केशव प्रसाद मौर्य ने यह कहकर खारिज कर दिया कि भाजपा विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी के बल पर नहीं बल्कि संगठन के बल पर विजय की ओर आगे बढ़ेगी।

सबसे ज्यादा विरोध शहर दक्षिणी के विधायक श्यामदेव राय चौधरी दादा के टिकट काटे जाने का हो रहा है। इसको देखते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दादा को मनाने के लिए उनके घर पहुंचे।

टिकट बंटवारे पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, 'एक सीट पर 10 से 15 लोगों की दावेदारी थी। टिकट एक ही को मिलना है। किसी का टिकट बदला नहीं जाएगा। जो लोग नाराज हैं, उन्हें मनाकर बीजेपी 300 सीटों पर जीत हासिल करेगी।'