चीन को 'चिढ़ाने' के लिए भारत के साथ ये काम कर रहा अमेरिका

नई दिल्ली(27 सितंबर): अमेरिका के रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने मंगलवार को पीएम मोदी, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारण व अन्य भारतीय अधिकारियों से मुलाकात की। मैटिस ने भारतीय पक्ष से दोनों देशों के सामरिक संबंधों को और भी मजबूत करने के संबंध में बातचीत की। इसमें अमेरिका की तरफ से भारत को फाइटर्स जेट और सर्विलांस ड्रोन बेचने का मुद्दा भी शामिल रहा। 

- अमेरिका भारत के साथ मजबूत सामरिक संबंधों के बूते एशिया खासकर दक्षिण एशिया में चीन के बढ़ते प्रभाव को काउंटर करने की कोशिश कर रहा है। 

- मैटिस कैबिनेट रैंक के ऐसे पहले अधिकारी हैं जो ट्रंप के शासन के आने के बाद भारत की यात्रा पर आए हैं। पिछले एक दशकों में भारत और अमेरिका के संबंधों में तेज प्रगति देखी गई है। इस दौरान भारत ने अमेरिका से 15 अरब डॉलर से अधिक के हथियार खरीदे हैं। भारत एक तरह से हथियारों के अपने पारंपरिक सप्लायर रूस को छोड़ अमेरिका की तरफ झुकता नजर आ रहा है। 

- मैटिस की भारतीय अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के टॉप अजेंडे में 22 सी गार्जियन ड्रोन एयरक्राफ्ट की सप्लाई भई शामिल है। अमेरिकी सरकार ने जून में ही भारतीय नौसेना के लिए इस सर्विलांस ड्रोन की डील को अपनी अनुमति दे दी है। ऐसा पहली बार हुआ है जब गैर नाटो सदस्य मुल्क के लिए अमेरिकी सरकार ने इसकी सप्लाई की अनुमति दी है। 

- भारतीय नौसेना ने विस्तृत हिंद महासागर के सर्विलांस के मानवरहित ड्रोन की मांग कर रखी है। चीन की पनडुब्बियां और समुद्री जहाज नियमित तौर पर हिंद महासागर का चक्कर लगाते रहते हैं। अमेरिका साउथ चाइना सी में चीन की बढ़ती सामरिक ताकत को लेकर चिन्तित है। अमेरिका ने भारतीय नौसेना के साथ इस इलाके में जॉइंट पट्रोलिंग का प्रस्ताव दिया था। भारत ने चीन की संभावित प्रतिक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। 

- ब्रूकिंग्स इंडिया में भारत-अमेरिका संबंधों के जानकार ध्रुव जयशंकर का कहना है कि दोनों ही देशों के लिए चीन का खतरा बड़ा है। भारतीय वायुसेना ने भी 90 आर्म्ड एवेंजर प्रिडेटर ड्रोन्स की मांग की है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनका इस्तेमाल सीमा-पार की जाने वाली स्ट्राइक्स में किया जा सकता है। उदाहरण के लिए अगर वायुसेना को इसकी ताकत मिलती है तो PoK स्थित आतंकियों के कैंपों को ध्वस्त किया जा सकता है। 

- सूत्रों का कहना है कि इस तरह की बिक्रियों के लिए वाइट हाउस और कांग्रेस के अप्रूवल की जरूरत पड़ेगी। अमेरिकी ड्रोन बनाने वाली कंपनी जनरल एटॉमिक्स के यूएस ऐंड इंटरनैशनल स्ट्रैटिजिक डिवेलपमेंट के चीफ एग्जिक्युटिव विवेक लाल इस बात के लिए खुश हैं कि भारत ने सर्विलांस ड्रोन के लिए अप्रूवल हासिल कर लिया है। 

- उनका कहना है कि इसकी मदद से समुद्री सीमा पर भारत की क्षमता काफी बढ़ेगी। इसके अलावा इस महत्वपूर्ण क्षेत्र की सुरक्षा के संदर्भ में अमेरिका के महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार के तौर पर भारत भी अपनी भूमिका निभा पाएगा। इसके इतर भारत और अमेरिका के बीच लॉकहीड मार्टिन कंपनी की तरफ से भारत में F-16 फाइटर प्लेन बनाने की पेशकश पर भी बात होनी है। पीएम मोदी के मेक इन इंडिया कैंपेन के तहत कंपनी ने भारत ने इस फाइटर जेट के असेंबलिंग का ऑफर दिया है।