कोर्ट ने खारिज की मथुरा कांड के मास्टरमाइंड रामवृक्ष के मृत होने की बात

मथुरा (17 जून): मथुरा कांड का मास्टरमाइंड रामवृक्ष यादव की मौत पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय अदालत ने पुलिस के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें रामवृक्ष के मारे जाने की बात कही गई थी। साथ ही कोर्ट ने दोबारा डीएनए परीक्षण कराने और किसी निकटतम रिश्तेदार से उसका मिलान कराने का आदेश दिया है।

दरअसल, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (नवम) विवेकानन्द शरण त्रिपाठी साल 2011 के एक मामले की सुनवाई कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने पुलिस द्वारा पेश की गई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तथा शिनाख्त कार्यवाही को खारिज कर दिया और कहा कि इन तथ्यों के आधार पर रामवृक्ष के मृत होने की पुष्टि नहीं होती। खासकर तब जब उसे उसके परिवार ने नहीं बल्कि किसी अन्य साथी ने पहचाना हो। 

केस की सुनवाई 10 मार्च 2011 के एक मामले में हो रही थी, जिसमें रामवृक्ष यादव जयगुरूदेव के नाम के पेट्रोल पंप पर  डीजल  भरवाने पहुंचा। यहां उसने एक रुपए में 60 लीटर डीजल  डालने को कहा। मना करने पर उसके साथियों ने पेट्रोल पंप पर मौजूद केस के वादी को जलाकर मारने की कोशिश की लेकिन विफल रहा। इस मामले में रामवृक्ष कभी भी अदालत में पेश न हुआ तो उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गए।