वर्किंग विमिन को मोदी सरकार दे सकती है बड़ा तोहफा!

 

नई दिल्ली(10 अगस्त): मैटरनिटी बेनेफिट ऐक्ट (मातृत्व लाभ अधिनियम), 1961 में अमेंडमेंट के बाद कामकाजी महिलाओं के लिए 26 हफ्तों की मैटरनिटी लीव (मातृत्व अवकाश) की राह खुल सकती है।

- इस कदम का मकसद कमिशनिंग मदर्स को 12 हफ्तों की मैटरनिटी लीव मुहैया कराना और नर्सिंग मदर्स के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' के प्रावधान को लाना है। चूंकि, ऐक्ट में प्रस्तावित यह बदलाव महिलाओं के लिए फायदेमंद हैं, ऐसे में मिनिस्ट्री को उम्मीद है कि अमेंडमेंट राज्यसभा में आसानी से पास हो जाएगा।

- इस बिल के राज्यसभा में पास होने के बाद इसे लोकसभा में रखा जाएगा, जहां एनडीए के पास बहुमत है। हालांकि, 26 हफ्तों की मैटरनिटी लीव उन महिला कर्मचारियों को नहीं मिलेगी, जिनके दो या इससे अधिक बच्चे हैं। 

- वर्क फ्रॉम होम का विकल्प, वहीं उपलब्ध होगा जहां एंप्लॉयीज को नियत कार्य उसे ऐसा करने की इजाजत दे। महिला कर्मचारी और उनके एंप्लॉयर को वर्क फ्रॉम होम अरेंजमेंट की अवधि को लेकर आपसी तौर पर सहमत होना चाहिए।

- विमिन फ्रेंडली उपायों में 50 एंप्लॉयीज रखने वाली कंपनियों के लिए व्यक्तिगत रूप से क्रेच बनाना या एक तय दूरी के भीतर कुछ फर्मों द्वारा मिलकर एक कॉमन फैसिलिटी तैयार शामिल है।