अब 12 नहीं 26 हफ्ते होगी मैटरनिटी लीव

नई दिल्ली (10 मार्च): अब महिलाओं को 12 नहीं 26 सप्ताह का मैटरनिटी लीव मिलेगा। लोकसभा में महिलाओं का मातृत्व अवकाश 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह करने वाला मातृत्व अवकाश विधेयक पारित हो गया। मातृत्व अवकाश (संशोधन) विधेयक, 2016 के तहत तीन महीने से छोटे बच्चे को गोद लेने वाली महिलाओं और सरोगेसी से पैदा हुए बच्चे की मां (कमिशनिंग मदर) को भी 12 सप्ताह तक का अवकाश देने का प्रवधान है।

मातृत्व अवकाश विधेयक को राज्यसभा में 11 अगस्त, 2016 में पारित किया गया था। कानून बनने के बाद 10 या अधिक व्यक्तियों को नियुक्त करने वाले संस्थानों पर यह कानून लागू होगा। इस विधेयक के पारित होने पर महिलाओं को मातृत्व अवकाश की अवधि समाप्त होने पर 'घर से काम' करने की सुविधा भी मिलेगी। साथ ही 50 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों में क्रेच की सुविधा प्रदान करना अनिवार्य हो जाएगा।

इतना ही नहीं, संशोधन विधेयक के कानून बनने के बाद नियोक्ताओं को महिलाओं को काम के बीच चार बार क्रेच में जाने की अनुमति देना भी अनिवार्य होगा। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मंजूरी के बाद यह विधेयक कानून बन जाएगा।