खुली पाकिस्तान की पोल, POK में लोगों का विरोध प्रर्दशन तेज

नई दिल्ली ( 27 मई ): पीओके में गिलगित-बाल्टिस्तान के स्कार्दू इलाके में पाकिस्तान के विरोध में प्रदर्शनों का दौर जारी है। पाकिस्तान किस तरह कश्मीर को अपनी भारत-विरोधी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करता है, यह किसी से नहीं छुपा है। पीओके के लोगों का प्रतिनिधत्व करने वाले कश्मीरी नेताओं ने भी पाकिस्तान द्वारा कश्मीर में गड़बड़ी पैदा करने और वहां आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पाक की आलोचना की है।


पाक के अवैध कब्जे के खिलाफ भारी विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की मांग है कि गिलगित-बाल्टिस्तान पर से पाकिस्तान का कब्जा खत्म होना चाहिए। एक प्रदर्शनकारी अमजद ने कहा, 'गिलगित-बाल्टिस्तान की हर जमीन के मालिक क्षेत्रीय लोग हैं, कोई माई का लाल ये मालिकयत नहीं छीन सकता।'


गिलगित-बाल्टिस्तान के लोग पिछले कई महीनों से पाकिस्तान सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं। हाल ही में पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान को अपना पांचवां प्रांत घोषित करने का ऐलान किया था, जिसके विरोध में गिलगित-बाल्टिस्तान के लोग सड़कों पर उतर आए।


मार्च महीने में ब्रिटेन की संसद ने गिलगित-बाल्टिस्तान को अपना पांचवां प्रांत घोषित करने के पाकिस्तान सरकार के कदम की निंदा की थी। ब्रिटिश सांसदों ने इस संबंध में एक प्रस्ताव भी पास किया, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान को जम्मू-कश्मीर का वैध एवं संवैधानिक अंग हिस्सा बताया, जिस पर पाकिस्तान ने 1947 से गैरकानूनी तौर पर कब्जा कर रखा है। भारत ने भी कई बार कहा है कि पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान पर पाकिस्तान का कब्जा अवैध है और उसे खाली करना ही होगा।


कश्मीरी नेताओं ने पाकिस्तान के कश्मीर नीति की भी निंदा की है। उनका कहना है कि पाकिस्तान कश्मीर को अपनी आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करता है। हाल ही में पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित प्रेस क्लब में एक बैठक के दौरान कश्मीरी नेताओं ने यह बात कही। यह बैठक कश्मीर के दिवंगत नेता और जम्मू-कश्मीर नैशनल लिबरेशन काउंसिल के अध्यक्ष आरिफ शाहिद के प्रति श्रद्धांजलि देने के लिए बुलाई गई थी।