मसूद अजहर मामले पर चीन से ऐसे बदला लेगा भारत!

नई दिल्ली (4 अप्रैल): जैश सरगना मसूर अजहर को आतंकी घोषित करने में अड़ंगा लगाना चीन को भारी पड़ सकता है। भारत की सुरक्षा एजेंसियां अब चीनी कंपनियों के सुरक्षा जांच के प्रति नरम रुख बरतने पर पुनर्विचार कर सकती हैं।

भारत ने पठानकोट हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर को आतंकी घोषित करन पर चीन के एक तरह से वीटो लगाने से भारत बेहद नाखुश है। माना जा रहा है कि अब चीनी कंपनियों पर सख्ती बरती जाएगी। इसके तहत चीनी कंपनियों के सुरक्षा जांच के प्रति नरम रुख पर सरकार पुनर्विचार कर सकती है। पिछले 2 सालों में देश में 25 चीनी कंपनियों को आसानी से सुरक्षा क्लीयरेंस मिल चुका है।

गौरतलब है कि पठानकोट हमले के सूत्रधार मसूद अजहर को आतंकवादियों की सूची में शामिल करने की भारत की मांग पर बीते सोमवार को चीन ने अड़ंगा लगा दिया था। संयुक्त राष्ट्र में चीन के प्रतिनिधि लियु जीयी ने कहा था कि पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख मसूद अजहर आतंकवादी की श्रेणी में नहीं आता। लिहाजा उस पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता। चीन की यह हरकत भारत को नागवार गुजरी है। भारत ने इस पर तभी ऐतराज जताते हुए चीन पर पाकिस्तान के आतंकवादियों को प्रश्रय देने का आरोप लगाया था।