पुलवामा हमले में मसूद अजहर का ऑडियो टेप आया सामने, ऐसे दे रहा है आतंकियों को निर्देश !

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (17 फरवरी): पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और उसके आतंकियों ने भारत के बड़ा जख्म दिया है। पाक सेना, खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के निर्देश पर आतंकियों ने पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया। इस हमले में भारत को अपने 40 जांबाज लाल को खोना पड़ा। इस हमले के बाद भारत में पाकिस्तान और उसके आतंकियों के खिलाफ गुस्सा सातवें आसमान पर है। साथ ही मामले की तेजी से जांच की जा रही है। इस ही खुफिया और जांच एजेंसी हमले की तार को जोड़ने में जुटी है।



जानकारी के मुताबिक पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड जैश-ए-मोहम्मद का मुखिया मसूद अजहर है। मसूद अजहर ने ही पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित आर्मी बेस हॉस्पिटल  से अपने आतंकियों को पुलवामा हमले का निर्देश दिया था। हमले के वक्त आतंकी मसूद अजहर रावलपिंडी स्थित आर्मी बेस हॉस्पिटल में था। आपको बता दें कि पिछले चार महीने से आतंकी मसूद अजहर रावलपिंडी स्थित आर्मी बेस हॉस्पिटल में अपना इलाज करा रहा है और यहां भर्ती भी है।अपनी बीमारी के चलते ही मसूद अजहर यूनाइटेड जिहाद काउंसिल (यूजेसी) की प्रमुख 6 बैठकों में भी हिस्सा नहीं ले पाया है। यूजेसी भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया जाने वाला जिहादी संगठन है, जिसका संरक्षण पाकिस्तान द्वारा किया जाता है।



शुरुआती जानाकरी के मुताबिक मसूद अजहर  ने रावलपिंडी स्थित आर्मी बेस हॉस्पिटल से ही पुलवामा हमले का प्लान बनाया और उसके निर्देश पर आठ दिन पहले आतंकी हमले के लिए तैयार हो चुके थे। इस दौरान अजहर ने धीमी आवाज में अपने लड़ाकों के लिए एक ऑडियो मेसेज रिलीज करने का काम किया था। ऑडियो मेसेज में मसूद अजहर को अपने लड़ाके से उसके भतीजे उस्मान की मौत का बदला लेने की बात कह रहा है। उस्मान वही आतंकी है जिसे पिछले साल यानी 2018 में सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया था।



ऑडियो मेसेज में मसूद अजहर कहता है कि, 'कोई इन्हें दहशतगर्द कहेगा, कोई इन्हें निकम्मा कहेगा, कोई इन्हें पागल कहेगा, कोई इन्हें अमन के लिए खतरा कहेगा।  'इस हमले में मौत से ज्यादा बेहतर चीज कुछ भी नहीं है।'  यही नहीं, टेप में वह लड़ाके को भारत के खिलाफ भड़का रहा है।  अजहर ने यूजेसी के अन्य खेमों के साथ नए हमले के प्लान को साझा नहीं किया। इसके बजाए अजहर ने खुफिया ढंग से अपने दूसरे भतीजे मोहम्मद उमैर और अब्दुल राशिद गाजी को नियुक्त किया कि वे इन टेपों की सहायता से युवाओं का ब्रेनवॉश करें और आईईडी के साथ फिदायीन हमले के लिए प्रेरित करें।