पत्नी से शहीद के आखिरी शब्दः अभी समय फर्ज निभाने का, बेटे का मुंडन बाद में कराएंगे

नई दिल्ली (23 सितंबर): जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के नौगांव में मंगलवार को पाकिस्तानी आतंकियों से मुकाबला करते सेना की 20 डोगरा यूनिट के हवलदार मदन लाल शर्मा शहीद हो गए थे। शहीद मदनलाल शर्मा का पठानकोट के गांव घरोटा के रहने वाले थे। गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। परिवार वालों ने बताया कि आखिरी बार जब फोन पर उनसे बात हुई थी तो उन्होंने कहा था कि बेटे का मुंडन बाद में करा लेंगे, अभी श्रीनगर में हालात ठीक नहीं हैं। 

- मदनलाल की शहादत के बारे में परिवार को बुधवार सुबह 7 बजे फोन आने पर पता चला। शहादत का समाचार मिलते ही पूरे कस्बे में मातम छा गया।

- वह अपने पीछे मां धर्मो देवी, पत्नी भावना शर्मा, पांच साल की बेटी श्वेता शर्मा और ढाई साल के बेटे कन्नव शर्मा को छोड़ गए हैं।

- 3 भाइयों दो बहनों में मदन लाल सबसे छोटे थे। उनके पिता का पहले ही देहांत हो चुका है।

- पति की शहादत को लेकर गमगीन पत्नी भावना शर्मा ने बताया कि बुधवार सुबह सात बजे उनकी यूनिट के सूबेदार मेजर का फोन आया कि घर में किसी बड़े से बात करवाई जाए। यह बात सुन वह घबरा गई।

- उसने अपने पड़ोसी रिटायर्ड सूबेदार देवदत्त को इसके बारे बताया तो  कॉल बैक करने पर बताया गया कि हवलदार मदन लाल नौगांव क्षेत्र में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हो गए हैं।

- उन्होंने बताया कि जुलाई महीने में ही वह छुट्टी काट कर ड्यूटी पर गए थे। सोमवार को उनका घर फोन आया। बच्चों का हालचाल पूछा और बेटी श्वेता से बात कर उसकी हो रही परीक्षा के बारे बात की।

- पत्नी ने उन्हें फोन पर बेटे के मुंडन का मुहूर्त नवरात्रों में निकलने के बारे बताया तो मदन लाल ने जवाब दिया कि वह जनवरी महीने से पहले नहीं आ सकता।

- क्योंकि जहां पर वह तैनात है वहां पर काफी तनाव है। यह समय फर्ज निभाने का है,बेटे का मुंडन बाद में करवा लेंगे।