जन्मदिन पर निकेलगी शहीद की अंतिम यात्रा

नई दिल्ली(20 सितंबर): जम्मू कश्मीर के उरी में शहीद हुए राजस्थान के लाडले राजसमंद जिले में निंब सिंह का मंगलवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह अजीब संयोग ही है कि निंब सिंह की अंतिम यात्रा मंगलवार को उनके जन्मदिन के दिन निकलेगी। निंब सिंह के बड़े भाई रासासिंह ने बताया कि 1968 में जन्में निंब सिंह का मंगलवार को 46वां जन्मदिन है। जन्मदिन पर ही उनकी अंतिम विदाई है।

- पार्थिव देह रात साढ़े आठ बजे भीम सैनिक विश्रांति गृह पहुंचने पर लोग शहीद के अंतिम दर्शन की इच्छा जताने लगे।

- इस पर सैन्य अधिकारी ने सभी को धीरज के साथ दर्शन करने की अपील की। उन्होंने लोगों को बताया कि आतंकी हमले से शव काफी जल चुका है।

- डाॅक्टरों के परामर्श के अनुसार शव को कोफिन से बाहर नहीं निकाल सकते हैं। बाद में सभी ने कतार में लगकर अंतिम दर्शन किए। - पिता केसर सिंह पुत्र रतन सिंह रावत सैनिक थे। उनकी इच्छा थी कि चार बेटों में से कोई सैन्य सर्विस में लाए।

- दसवीं पास निंब सिंह पिता की मौत के बाद साल 1993 में सेना में भर्ती हुए थे। उनके तीनों भाई खेती करते हैं।

- 1939 में दूसरे विश्व युद्ध के बाद सात साल तक जर्मन जेल में बंद रहने वाले केसरसिंह रिटायर्ड होने के बाद पुलिस में भीलवाड़ा जिले में सिपाही रहे हैं।

- उनका 30 नवंबर 1993 को निधन हो गया था। पिता शहीद की मां तोपी देवी का 5 फरवरी 2002 में निधन हो गया था। - राजवा गांव के रहने वाले सैनिक केसरसिंह का बेटा शहीद निंब सिंह शराब की लत छुड़वाने का जुनूनी था।

- सात भाई-बहनों में तीसरे नंबर के निंब सिंह ने सैनिक बनकर पिता का सपना पूरा किया था।

- खुद निंब सिंह की भी यही जिद थी कि उनके पांच बेटे-बेटियों में से कोई सेना में जाए। शहीद ने आठ दिन पहले ही परिवार वालों से मोबाइल पर बात की थी।