16 साल बाद मैरिज सर्टिफिकेट मांगने पर सुना दिया दोबारा शादी करने का फरमान

न्यूज 24 ब्यूरो, तिरुवनंतपुरम (11 जुलाई): शादी के सोलह साद आपको अपने मैरिज सर्टिफिकेट की जरूरत पड़े तो क्या आपको दोबारा शादी करनी पड़ेगी क्या...नहीं न! लेकिन कोझिकोड़ में रहने वाले मदृधुसूदन को मैरिज रजिस्ट्रार के ऑफिस में तो यही सुनने को मिला। खबरों के मुताबिक पिछले महीने की 19 जून को मधुसूदन नाम के एक महाशय कोझिकोड के मुक्कोम में सब-रजिस्ट्रार के कार्यालय में गए और 16 साल पहले रजिस्टर करवाई गयी शादी का विवाह प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया। मैरिज रजिस्ट्रार कार्यालय के कर्मचारियों ने पहले उनका मजाक उड़ाया और फिर कई दिनों तक उन्हें इंतजार करवाया, जबकि उन्हें यह सर्टिफिकेट उसी दिन उपलब्ध कराया जाना चाहिए था। मंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘मधुसूदन ने 27 फरवरी, 2003 को विशेष विवाह अधिनियम के प्रावधानों के तहत शादी की थी। उन्हें  इस साल अपने विवाह प्रमाणपत्र की जरूरत आन पड़ी। इसलिए उन्होंने अपने विवाह प्रमाणपत्र की सत्यापित प्रति के लिए अनुरोध किया था।

केरल विवाह रजिस्ट्रार कार्यालय में चार कर्मचारियों नेल पहले तो मधुसूदन का मजाक बनाया और कहा कि सर्टिफिकेट के लिए उन्हें एक बार फिर शादी करनी पड़ेगी। मधुसूदन ने इस मजाक की शिकायत राज्य के पंजीकरण मंत्री जी. सुधाकरन ने  कर दी । इस शिकायत की जांच के बाद मंत्री जी. सुधाकरण ने ‘दुर्व्यवहार और कर्तव्य का त्याग’ करने पर अपने विभाग के सभी चार सरकारी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। लापरवाह कर्मचारियों को दण्डित करने के बाद एक फेसबुक पोस्ट में गुरुवार को सुधाकरन ने कहा कि जब उन्हें इस  बारे में पता चला तो वह इस ‘बकवास’ को सह नहीं सके और उन्होंने तुरंत निलंबन का आदेश दे दिया।

मंत्री ने कहा, ‘विवाह प्रमाणपत्र प्रदान करने के बजाय अधिकारियों ने उनका मजाक बनाया।’ सुधाकरन ने कहा कि कर्मचारियों ने उनसे एक बार फिर शादी करने को कहा, ताकि उन्हें पुराने रिकॉर्ड न देखने पड़े और वह जल्द विवाह प्रमाणपत्र जारी कर सकें। मंत्री ने आगे कहा कि यह प्रमाणपत्र तब वहीं दिया जा सकता था, लेकिन उन्हें तीन दिनों तक इंतजार करने के लिए कहा गया और उन्हें अपमान भी सहना पड़ा।

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