जकरबर्ग ने भारत को लेकर कही ये बड़ी बात...

नई दिल्ली(12 फरवरी): फेसबुक के संस्थापक और प्रमुख मार्क जकरबर्ग ने मार्क एंड्रीसन की टिप्पणी से यह कहते हुए खुद को अलग कर लिया कि उनकी टिप्पणी बेहद परेशान करने वाली है और वह कंपनी की धारणा का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं।

जकरबर्ग ने बुधवार जारी फेसबुक पोस्ट में कहा कि मैं भारत के बारे में मार्क एंड्रीसन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देना चाहता हूं। मुझे ये टिप्पणियां बेहद परेशान करने वाली लगी और वे फेसबुक या मेरे विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं। उनकी टिप्पणी एंड्रीसन के आपत्तिजनक ट्वीट के बाद आई जो उन्होंने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकार के फेसबुक के मुफ्त लेकिन प्रतिबंधित इंटरनेट कार्यक्रम संबंधी आदेश के बाद जारी किए थे।

फेसबुक के निदेशक मंडल के सदस्य, एंड्रीसन ने ट्विटर पर एटपीमार्का नाम से अपने संदेश में कहा कि उपनिवेशवाद विरोधी सोच दशकों से भारतीय जनता के लिए आर्थिक तौर पर विनाशकारी रही है। तो अब क्यों रोका जाए? भारतीयों की कड़ी आलोचना के बाद उन्होंने कल अपने ट्वीट हटा लिए और कई अन्य संदेशों के जरिए माफी मांगी।

उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि पिछली रात ट्विटर पर मैंने गलत सूचना और गलत परामर्श पर भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के बारे में टिप्पणी की। साफ कर दूं कि मैं उपनिवेशवाद के 100 प्रतिशत खिलाफ हूं और भारत समेत किसी भी देश में स्वतंत्रता और स्वाधीनता के पक्ष में हूं।