'मेरीटाइम इंडिया समिट' शुरू, 40 देशों के रिप्रेजेंटेटिव्स कर रहे हैं शिरकत

मुंबई(14 अप्रैल): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहली ‘मेरीटाइम इंडिया समिट-2016’ का उद्घाटन किया। तीन दिवसीय इस समिट में भारत सहित 40 देशों के रिप्रेजेंटेटिव्स शिरकत कर रहे हैं। 

पीएम मोदी ने बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा पर माला चढ़ाकर ‘मेरीटाइम इंडिया समिट-2016’ का उद्धाटन किया। समिट का उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा, यह पहली बार है जब इंडिया में इस तरह के बड़े प्रोग्राम को ऑर्गनाइज किया जा रहा है। 

पीएम मोदी ने और क्या कहा...

- मेरीटाइम सबसे बड़ी और सबसे इको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट का जरिया है। 

- हमें यह पक्का करना होगा की अपने लाइफस्टाइल, ट्रांसपोर्ट सिस्टम और ट्रेडिंग बिहेवियर से समुद्रों की इकोलॉजी (परिस्थितिकी) को खराब न करें।

- आज डॉ. अंबेडकर की 125वीं जयंती है। अंबेडकर नौपरिवहन नीति के निर्माता थे।

- मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि हमने बाबा साहेब के विचार को ध्यान में रखते हुए नेशनल वाटरवेज के विकास की शुरुआत की है।

- डॉ. अंबेडकर भारत में पानी और रिवर नेविगेशन पॉलिसी के इंजीनियर थे। वे हमेशा नई जलमार्ग नीति पर जोर देते थे।

- हमारा विजन पोर्ट की एफिशिएंसी को बढ़ाना है। हम निवेश के साथ विकास को सक्षम करना चाहते हैं, कई नए बंदरगाहों विकसित किया जा रहे हैं।

- पिछले दो वर्षों में प्रमुख बंदरगाहों का प्रदर्शन शानदार रहा है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन में गिरावट आ गई थी उसमें अब वृद्धि हुई है। 

- मेरी सरकार का प्रयास वैश्विक मेरीटाइम सेक्टर में भारत के स्थान में सुधार करना है। आईएमएफ और विश्व बैंक ने भारत के अच्छे दिन दिन के संकेत दिए हैं।

- आक्रामक कौशल विकास निति के प्रारंभिक प्रयासों का परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे है।

- भारत के लंबे समुद्र तट, विविध तटीय क्षेत्रों और कड़ी मेहनत करने वाले तटीय समुदायों के लोग भारत के विकास का इंजन बन सकते हैं। 

- एक सुखद यात्रा समुद्री रूट के बिना नहीं हो सकती। यह सही समय है समुद्री मार्ग से भारत आने का।