मराठा आरक्षण के मुद्दे पर आज बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई, सरकार रख सकती है अपना पक्ष

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (21नवंबर): मराठा आरक्षण के मुद्दे पर आज बॉम्बे हाईकोर्ट में अहम सुनवाई है। बताया जा रहा है कि पिछड़े आयोग की रिपोर्ट के बाद आज राज्य सरकार कोर्ट में आरक्षण को लेकर अपना पक्ष रख सकती है। वहीं याचिकाकर्ता विनोद पाटील राज्य पिछड़े आयोग की रिपोर्ट की कॉपी मांग सकते हैं। आपको बता दें कि साल 2014 और 2015 में तत्कालीन कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सरकार ने सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय को 16 फीसदी आरक्षण दिया था जिसके बाद इस मुद्दे को लेकर अदालत में कई याचिकाएं डाली गई थीं। नवंबर 2014 में एक अंतरिम आदेश में हाईकोर्ट ने तत्कालीन सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी। कुछ याचिकाओं में सरकार के फैसले का विरोध किया गया था जबकि दो याचिकाओं में कोटा तत्काल लागू करने की मांग की थी।

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याचिकाकर्ताओं में से एक विनोद पाटिल ने सोमवार को न्यायमूर्ति बीपी धर्माधिकारी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष मामले का जिक्र किया और तत्काल सुनवाई की मांग की। न्यायमूर्ति धर्माधिकारी ने कहा कि वह याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई करेंगे। इस बीच पिछड़ा वर्ग आयोग ने मराठों को 16 फीसदी आरक्षण देने की सिफारिश की है। सूत्रों से मिस रही जानकारी के मुताबिक आयोग ने इस संबंध में एक बंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्‍य में 30 फीसदी आबादी मराठा है। ऐसे में उन्हें सरकारी नौकरी में आरक्षण देने की जरूरत है।

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उधर महाराष्ट्र सरकार ने रविवार को नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में मराठा समुदाय के लोगों को आरक्षण देने की घोषणा की। रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि सरकार ने स्टेट बैकवर्ड क्लास कमिशन की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है। रिपोर्ट और मराठा आरक्षण से संबंधित बिल विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सकता है। सीएम फडणवीस ने पिछले हफ्ते कहा था कि कोटा मसले को लेकर सभी कानूनी औपचारिकताएं अगले 15 दिनों में पूरी कर ली जाएंगी।