पुरातत्व विशेषेज्ञ का दावा, मनु के समय सच में आया था 'जल प्रलय'

नई दिल्ली ( 27 मार्च ): अयोध्या पर लिखी अपनी पुस्तक के लिए जाने जाने वाले पुरातत्व विशेषज्ञ बीबी लाल ने अब जल प्रलय को लेकर जो दावा किया है वह चौकाने वाला है। उन्होंने कहा कि मनु के समय आाया जल प्रलय कोई काल्पनिक कथा नहीं बल्कि सच है।


बीबी लाल ने यह दावा अपने शोध पत्र में किया है। उनके मुताबिक 'जल प्रलय' पौराणिक कथा नहीं, बल्कि एक सच्ची घटना थी। बीबी लाल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के महानिदेशक रह चुके है। बीबी लाल ने इस संबंध में अपना शोध पत्र सोमवार को भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद (ICHR) द्वारा आयोजित एक सेमिनार में पेश किया गया। शोध पत्र में पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर मनु के जल प्रलय को सरस्वती नदी के गायब होने से जोड़कर दिखाया गया है।


शोध पत्र में कहा गया है, 'पुरातात्विक रूप से सरस्वती की भारी बाढ़ 2000-1,900 ईसा पूर्व के आसपास या मोटे तौर पर, दूसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व के पहले चरण में आई। मनु के जल प्रलय का भी ठीक यही वक्त था जो ऋग्वेद के बाद आई, पर दूसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व के शुरू होने से पहले। क्या अब भी हमें मनु के समय के आए जल प्रलय को काल्पनिक मानना चाहिए?'


पद्म सम्मान से नवाजे जा चुके बीबी लाल इसे लेकर एक किताब भी लिख रहे हैं।


इससे पहले उनकी पुस्तक 'राम, उनकी ऐतिहासिकता, मंदिर और सेतु: साहित्य, पुरातत्व और अन्य विज्ञान' को लेकर काफी बवाल हुआ था, क्योंकि उसमें अयोध्या की बाबरी मस्जिद के नीचे हिंदू मंदिर का ढांचा होने की बात कही गई थी।