श्रावण में शिवजी के मंत्र जाप से दूर होती है दरिद्रता !

नई दिल्ली (10 जुलाई): श्रावण मास में भगावन शिव की पूजा और मंत्र जप से दीनता दूर होती है। शिव जगतगुरु हैं, शिव ज्ञान, विवेक, तप के रूप में शक्ति, संकल्प और पुरुषार्थ की प्रेरणा देते हैं। शिव भक्ति से दरिद्रता और धन का अभाव दूर होता है। प्रात: नित्यकर्म से निवृत हो, स्नान कर आदिनाथ भगवान शंकर के साथ माता पार्वती और नंदी को गंगाजल या पवित्र जल चढ़ाएं।  तत्पश्चात शिवजी को खास तौर पर चंदन, अक्षत, बिल्व पत्र, धतूरा या आंकड़े के फूल चढ़ाएं। उसके बाद छोटे रुद्राक्ष की माला से ये जप करें:


मन्दारमालाङ्कुलितालकायै कपालमालांकितशेखराय।

दिव्याम्बरायै च दिगम्बराय नम: शिवायै च नम: शिवाय।।

श्री अखण्डानन्दबोधाय शोकसन्तापहारिणे।

सच्चिदानन्दस्वरूपाय शंकराय नमो नम:॥


मंत्र जप के बाद भगवान शिव को घी, शक्कर, गेंहू के आटे से बने प्रसाद का भोग लगाएं। इसके बाद धूप, दीप से आरती करें। प्रसाद सबसे पहले गुरुजनों, बुजुर्गों और परिवार, मित्र सहित ग्रहण करें।