Manthan2017 में बोले अर्नब गोस्वामी- मीडिया निष्पक्ष काम करे तो किसी से डरने की जरुरत नहीं


नई दिल्ली(23 मार्च):  देश का नौजवान क्या चाहता है, उसकी सोच क्या है, वो कैसा हिंदुस्तान चाहता है, यही जानने के लिए न्यूज़ 24 और ISOMES ने मीडिया फेस्ट 24 मंथन का आयोजन किया है। इस महामंच पर देश के हर क्षेत्र के दिग्गज होंगे। Media fest 24 के 'मंथन' में जाने माने पत्रकार अर्नब गोस्वामी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने छात्रों की हौसलाअफजाई की। अर्नब गोस्वामी ने छात्रों को निष्पक्ष पत्रकारिता करने की सलाह दी। गोस्वामी ने कहा कि मैं किसी के लिए नहीं बल्कि अपनी पत्रकारिता के लिए काम करता हूं।


अर्नब गोस्वामी ने और क्या कहा...


- नेता नहीं चाहते हैं कि देश की जनता टीवी पर दिखे।


- जब आम जनता टीवी पर दिखती है तो नेताओं को डर लगता है।


- मैंने नरेंद्र मोदी के इंटरव्यू में Mr. इसलिए लगाया कि मैं प्रधानमंत्री पद की इज्जत करता हूं


- मीडिया में किसी को आदर्श नहीं माने, खुद की पत्रकारिता को आदर्श माने।


- मैंने मोदीजी के इंटरव्यू में मिस्टर इसलिए लगाया कि मैं प्रधानमंत्री पद की इज्जत करता हूं।


- योगी आदित्यनाथ के बारे में मैं दूसरों से ज्यादा सवाल पूछता।


-मुलायम की खबर दिखाई तो उन्होंने विज्ञापन का ऑफर किया था, लेकिन मैंने मना कर दिया।


-बिना भेदभाव के काम करेंगे तो आपकी TRP हाई होगी और आपको विज्ञापन मिलेंगे


-मैं  किसी के लिए नहीं बल्कि अपनी पत्रकारिता के लिए काम करता हूं।


- आज मीडिया सिर्फ दूसरों के बयानों पर बात करती है, लेकिन अपनी राय रखना जरूरी है।


- हमारे पास तथ्य होते हैं, लेकिन हमारे पास अपनी राय नहीं होती।


- मैंने किसी से लाइफ में कुछ नहीं लिया, इसलिए किसी से नहीं डरता।



- जिस आदमी ने कुछ किया है, वह डरता है। मीडिया को डरना नहीं चाहिए।


- मीडिया को किसी पार्टी के लिए नहीं बल्कि जनता के लिए काम करना चाहिए।


- अरविंद केजरीवाल एक बड़े ही मार्किटिंग मैनेजर है।


- मैं किसी पार्टी को देखकर स्टोरी नहीं करता, जनता के लिए स्टोरी करता हूं


- मैं आजाद हूं, इसलिए बिना किसी डर के सवाल पूछता हूं।


- लोग पूछते हैं कि आप चैनल क्यों ला रहे हैं तो मैं कहता हूं कि देश मुझे प्यार करता है इसलिए।


- ये शर्म की बात है कि कुछ इंग्लिश मीडिया वाले जेएनयू की घटना को सपोर्ट करते थे।


- क्या ट्रिपल तलाक पर सवाल पूछना देश को बांटना है।


- जेएनयू में जो कुछ हुआ वह गलत है।


- कन्हैंया कुमार जिस आजादी की बात करता है, वह झूठ बोलता है।


- तथ्य सबके पास हैं, लेकिन इससे क्या फर्क पड़ता है।


 - रिपोटरों ने नहीं एडिटरों ने समझौता किया है।


- आप अपने रिपोटर को फ्री छोड़ दें, फिर देखें वह कैसी स्टोरी लाते हैं।


- आज का युवा मंडल और बाबरी को तवज्जों नहीं देता।


- इस देश में अगर आप चिल्लाओंगे नहीं तो आपकी बात कोई नहीं सुनेगा।


- मैं कैमरा नहीं NEWS HOUR मिस कर रहा हूं।


- इस देश के युवा अब नहीं चाहता है कि सबकुछ चलता है।


- युवा देश में बदलाव चाहते हैं और काम चाहते हैं।


- आप इस देश के युवाओं को जाति और धर्म के नाम पर नहीं बांट सकते।


- आप इस देश के युवाओं का पागल नहीं बना सकते।