मानसरोवर यात्रा रोकने के पीछे चीन की गहरी साजिश!

नई दिल्ली(29 जून): चीन ने कैलाश मानसरोवर यात्रा में रोक लगा दी है। चीन ने भारतीय तीर्थयात्रियों के दो जत्थों को नाथूला-पास से आगे नहीं बढ़ने दिया है। इसके बाद दो दिन तक यात्री वहीं इंतज़ार करते रहे। ऐसा कर चीन ने भारत को एक मेसेज देने की कोशिश की है। उसने यह बताने की कोशिश की है कि वह सीमा से जुड़ा कोई भी छोटा या बड़ा, विवाद कभी भी खड़ा कर सकता है। जिस सिक्किम में चीन ने हालिया टकराव पैदा किया है, उसे चीन ने भारतीय पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के 2003 दौरे में खुद ही भारत का हिस्सा माना था। यात्रा को रोककर चीन यह उम्मीद बांधे बैठा है कि बीजेपी की नेतृत्व वाली भारत सरकार दबाव में आ जाएगी।- चीन ने यह नया विवाद ऐसे वक्त में खड़ा किया है, जब इसी साल अप्रैल में भारत ने बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा को अरुणाचल प्रदेश की यात्रा करने की इजाजत दी थी।- दलाई लामा उस क्षेत्र में गए थे, जिसपर चीन अपना दावा करता रहा है। भारत और चीन के मामलों से जुड़े एक एक्सपर्ट ने बताया, 'चीन को यह लगा होगा कि मानसरोवर यात्रा रोकने से भारत के अंदर ही नाराजगी पैदा हो जाएगी और इसके लिए लोग चीन और दलाई लामा पर नीति को गलत ठहराते हुए केंद्र सरकार पर ठीकरा फोड़ेंगे। नाथू ला दर्रे को बंद करना चीन की दबाव बनाने की रणनीति है ताकि भारत दलाई लामा पर अपनी नीति को नरम करे।'- एक्सपर्ट के मुताबिक, चीन ने शायद यह सोचकर गलती कर दी कि धर्म के मुद्दे को आधार बनाकर पैदा किया गया दबाव वर्तमान सरकार पर काम कर जाएगा।