2जी स्पेक्ट्रम का आवंटन दोष पूर्ण और भ्रष्ट था: मनोज सिन्हा

नई दिल्ली ( 21 दिसंबर ): संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने 2जी घोटाले पर निचली अदालत के फैसले पर गुरुवार को कहा कि इस पर आगे की कार्रवाई जांच एजेंसियों को करनी है, लेकिन कांग्रेस पार्टी के नेता जो बातें कह रहे हैं वे पूरी तरह गलत हैं।

उन्होंने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम वितरण की प्रक्रिया दोषपूर्ण और भ्रष्टाचार पूर्ण थी। उन्होंने कहा कि 2008 में सीवीसी ने स्वयं जांच शुरू की थी और प्रक्रिया दोषपूर्ण माना था। 

मनोज सिन्हा ने कहा कि स्पष्ट रूप से सरकारी राजस्व को नुक़सान हुआ था। फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व के बदले फर्स्ट कम फर्स्ट पे की नीति लायी गई जो भ्रष्टाचार पूर्ण थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जो तमगा ले रही है वो पूरी तरह गलत है।

संचार मंत्री ने कहा कि सीएजी की रिपोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 2 फ़रवरी 2012 के अपने फैसले में 2008 में आवंटित लाइसेंस रद्द किया था और कहा था कि यह 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन प्रक्रिया पूरी तरह गलत था। 

मनोज सिन्हा ने कहा कि अब जांच एजेंसी का काम है कि मामले को आगे देखे और विचार करे। रद्द की गयी लाइसेंस पर विचार जांच एजेंसी के आगे की कार्रवाई के बाद किया जायेगा।