भस्मासुर है पाकिस्तान, अपने को ही जला डालेगा : मनोहर पर्रिकर

नई दिल्ली ( 25 अक्टूबर ) : रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने पाकिस्तान के क्वेटा शहर में पुलिस प्रशिक्षण अकादमी पर हुए घातक हमले में लोगों के जान गंवाने पर दुख जताया है। इसके साथ ही ‘भस्मासुर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं दर्शाती हैं कि किसी को भी ‘अनियंत्रित हिंसा’ नहीं करनी चाहिए। 

गौरतलब है कि क्वेटा में हुए आतंकी हमले में 60 कैडेट मारे गए हैं। उन्होंने हमले में भारत की संलिप्तता के पाकिस्तानी आरोपों से भी इंकार किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत हिंसा में विश्वास नहीं करता और इस तरह की हिंसा में तो बिल्कुल नहीं। क्वेटा हमले के बारे में पूछने पर पर्रिकर ने स्पष्ट किया कि वह किसी देश की तुलना किसी असुर से नहीं कर रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि भारत में भस्मासुर के बारे में कहावत है। हिंदू शास्त्रों के मुताबिक ‘भस्मासुर’ एक राक्षस था जो अपनी जिन शक्तियों से दूसरों को डराता था उन्हीं शक्तियों से स्वयं उसका नाश हो गया। उन्होंने नौसेना कमांडरों के सम्मेलन के इतर संवाददाताओं से बात करते हुए यह बातें कहीं। 

पर्रिकर ने कहा, ‘लोगों के मरने पर मुझे दुख है। हम हिंसा और इस तरह की हिंसा में विश्वास नहीं करते जो लोग मारे गए उनके प्रति मैं संवेदना प्रकट करता हूं। आतंकवाद को कहीं भी और किसी भी रूप में उचित नहीं ठहराया जा सकता।’ रक्षा मंत्री ने कहा कि हमलों से अनियंत्रित हिंसा नहीं करने का महत्व पता चलता हैं। 

पर्रिकर ने कहा, ‘आपको उन सभी चीजों को नियंत्रित करने की जरूरत है जो राज्य करता है। सरकार से इतर तत्वों का किसी भी देश द्वारा समर्थन नहीं किया जाना चाहिए। यह हमारी सुरक्षा सिद्धांतों का निष्कर्ष है। हमने कहा है कि देश के इतर जो तत्व आतंकवाद में संलिप्त हैं उन्हें खत्म किया जाना चाहिए।  कभी-कभी यह आप पर ही पलटवार करते हैं। मेरा मानना है कि यह ऐसी ही घटना है।’

पाकिस्तान के अशांत बलोचिस्तान प्रांत के क्वेटा शहर में तीन आतंकवादी आत्मघाती बेल्ट पहनकर एक पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में घुस गए। जहां उनके हमले में 60 पुलिस कैडेट मारे गए और 118 अन्य जख्मी हो गए। इससे पहले भी पाकिस्तान के अंदर इसी तरह के हमले हो चुके हैं। पिछले दिनों यहां स्कूल पर हुआ हमला भी दर्दनाक था।