सेना में ऑल वुमन बटालियन बनाने के पक्ष में हैं रक्षा मंत्री

नई दिल्ली (5 जुलाई) :  रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने सेना में सिर्फ महिलाओं की एक बटालियन बनाने का सुझाव दिया है। इसके साथ ही रक्षा मंत्री पर्रिकर एनडीए को गर्ल कैडेट्स के लिए खोलने, सैनिक स्कूलों में लड़कियों को अधिक प्रतिनिधित्व और युद्धपोतों पर महिला सैनिकों को तैनात करने जैसे प्रस्तावों के भी पक्ष में हैं।

बता दें कि हाल में भारतीय वायुसेना में तीन महिला फाइटर पायलट्स को शामिल करने के साथ ही सेना में महिलाओं की भूमिका को लेकर जो मनोवैज्ञानिक अवरोधक थे, वो टूट गए हैं।  

फिक्की लेडीज़ ऑर्गनाइजेशन के साथ बातचीत में पर्रिकर ने कहा, ऐसी धारणा है कि सैनिक महिला कमांडिंग ऑफिसर की नहीं सुनेंगे। मैं इससे इत्तेफाक नहीं रखता। लेकिन अगर कुछ शुरुआती प्रतिरोध होता है तो उसके लिए ऑल वुमन बटालियन जवाब हो सकता है।

हालांकि मंत्री ने साथ ही साफ किया सेनाओं में महिलाओं को लेकर 'सकारात्मक कार्रवाई' को चरणबद्ध ढंग से किया जाएगा जिससे कि राष्ट्रीय सुरक्षा का सेना के प्रमुख ध्येय से कोई समझौता ना हो।

रक्षा मंत्री ने कहा कि वे शीघ्र ही तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ बैठेंगे और आगे के रास्ते पर बात करेंगे। पर्रिकर ने कहा कि फिलहाल जो सिर्फ एक बाधा है वो येहै महिलाओं की ट्रेनिंग के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर का अभाव। पर्रिकर के मुताबिक दुनिया के और देशों को देखें तो अमेरिका ने सेना में ट्रांसजेंडर्स के शामिल होने पर लगी रोक भी हटा ली है।  

ऑल वुमन बटालियन संबंधी पर्रिकर के प्रस्ताव को अमली जामा पहनाने के लिए भर्ती और ट्रेनिंग नीतियों में आमूल-चूल परिवर्तन करने होंगे। बता दें कि सेना में महिलाओं को ऑफिसर के तौर पर भर्ती करना नब्बे के दशक से ही शुरू हुआ है।

जहां तक सशस्त्र सेना का सवाल है तो अभी इसमें 13 लाख जवान और ऑफिसर्स हैं। इनमें ऑफिसर्स की संख्या 60,000 हैं। अगर महिलाओं की बात की जाए तो सेना में 1,436, भारतीय वायुसेना में 1,331 और नौसेना में 532 ही महिला अधिकारी हैं।