चीन-पाकिस्तान को डरने की जरुरत नहीं, लेकिन चाल सुधारें: मनोहर पर्रिकर

नई दिल्ली(14 फरवरी): रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने भारत-चीन सीमा पर ब्रह्मोस मिसाइल की तैनाती को लेकर पड़ोसी देशों को परेशान न होने के लिए कहा है। पर्रिकर ने मंगलवार को कहा कि ‘हमारे पाकिस्‍तान और चीन, दोनों के साथ अच्‍छे रिश्‍ते हैं। मैं किसी पर शक नहीं करना चाहता, मगर हम तैयार हैं। अगर कोई भी भारत के सुरक्षा हितों के लिए खतरा पैदा करता है तो हम हरसंभव कार्रवाई करेंगे।”

- पर्रिकर के मुताबिक, वह जो भी करते हैं, उससे पड़ोसी देशों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्‍होंने कहा, ‘मेरी तैयारी एक स्‍वतंत्र अभ्‍यास है, कोई आक्रामक तरीका नहीं। मैं जो करता हूं, उसके बारे में पड़ोसियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।” चीन ने अरुणाचल प्रदेश में ब्रह्मोस मिसाइलें तैनात करने के भारत के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी।

- चीनी सेना के मुखपत्र द पीएलए डेली में भारत को चेतावनी देते हुए कहा गया था कि वह भी ऐसे कदम उठा सकता है। चीन ने कहा था कि इससे रिश्‍तों पर न केवल नकारात्‍मक प्रभाव पड़ेगा, बल्‍क‍ि क्षेत्रीय संतुलन पर भी असर पड़ेगा।

- केंद्र सरकार ने पिछले साल अगस्‍त में, सामरिक दृष्‍ट‍िकोण से अहम माने जाने वाले इस क्षेत्र में ब्रह्मोस मिसाइल के एडवांस्‍ड वर्जन की तैनाती के लिए रजामंदी दी थी। भारतीय सेना एक नई रेजिमेंट को इस मिसाइल के लेटेस्‍ट वैरियंट से लैस कर रही है। नई रेजिमेंट में करीब 100 मिसाइलें, भारी-भरकम ट्रकों पर पांच लॉन्‍चर और जरूरी हार्डवेयर व साॅफ्टवेयर होंगे। इस प्रक्रिया पर सेना करीब 4,300 करोड़ रुपए खर्च करेगी।

- हिमालय के एरिया में तैनात ब्‍लॉक-3 वर्जन में एडवांस्‍ड गाइडेंस सिस्‍टम है, जो मिसाइल को ध्‍वनि से तीन गुना ज्‍यादा तेज गति से कड़ा युद्धाभ्‍यास करने के लायक बनाता है। इस सिस्‍टम से मिसाइल किसी पहाड़ी के पीछे छिपे निशानों पर बड़ी सफाई से हमला कर सकती है। भारत ने चीन के साथ सीमा पर सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए कई नई सड़कें बनाई हैं। इसके अलावा बेहद ऊंचाई पर एयरस्ट्रिप्‍स बनाई गई हैं ताकि क्षेत्र पर नियंत्रण रखा जा सके।

- पर्रिकर ने रक्षा क्षेत्र में एफडीआई को लेकर आरएसएस के स्‍टैंड पर कहा कि ”एफडीआई के मुद्दे पर मतभेद होंगे, लेकिन हम राष्‍ट्रीय सुरक्षा को ध्‍यान में रखकर आगे बढ़ेंगे।”