डरा धमका कर नहीं चलती अर्थव्यवस्था, यह लोकतंत्र के लिए घातक- मनमोहन सिंह

नई दिल्ली (7 नवंबर): नोटबंदी को कल एक साल पूरा होने जा रहा है। इस मौके पर कांग्रेस समते तमाम विपक्षी पार्टियां जहां देशभर में ब्लैक डे मनाने जा रही है। वहीं सरकार इसे एंटी ब्लैकमनी डे के तौर पर मनाने की तैयारी में जुटी है। नोटबंदी के सालगिरह से एक दिन पहले पूर्व प्रधानमंत्री और अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला किया है। अहमदाबाद में व्यापारियों के संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी देश की अर्थव्यवस्था डरा धमका कर नहीं चलती और यह लोकतंत्र के लिए भी अच्छा नहीं है।

पूर्व प्रधानमंत्री ने सवाल किया कि क्या बुलेट ट्रेन पर सवाल उठाने से कोई विकास विरोधी और GST-नोटबंदी पर सवाल उठाने से कोई टैक्स चोर हो जाता है ? उन्होंने कहा कि हर किसी को चोर और राष्ट्रविरोधी मानने का रवैया लोकतंत्र की बुनियाद के लिए खतरा है। मनमोहन सिंह ने नोटबंदी और GST को जहां भारतीय लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था के लिए घातक बताया वहीं उन्होंने बुलेट ट्रेन को लेकर भी प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ज्यादा किराए वाली बुलेट ट्रेन योजना लॉन्च की। ये महज दिखावा है। इससे सिर्फ जापान का फायदा होगा।

मनमोहन सिंह ने सवाल कि क्या बुलेट ट्रेन पर सवाल उठाने से कोई विकास विरोधी और GST-नोटबंदी पर सवाल उठाने से कोई टैक्स चोर हो जाता है। मनमोहन सिंह ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री ने मौजूदा रेलवे ट्रैक्स को अपग्रेड कर हाई स्पीड ट्रेन जैसे विकल्पों पर विचार किया था। इतना ही नहीं मनमोहन सिंह बुलेट ट्रेन प्रॉजेक्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट गुरूर के चलते लिया गया फैसला है।

एक साल पूरे होने से ठीक पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री मोदी पर बड़ा हमला करते हुए उन्हें महात्मा गांधी की याद दिलाई है। मनमोहन सिंह ने कहा कि एक महात्मा गांधी ने कहा था कि दुनिया ने जब भी आप डाउट में रहें तो गरीब का चेहरा सोचें। अपने आप से पूछे- क्या ये उसे फायदा करेगा ? क्या ये मुखमरी को खत्म करेगा।

मनमोहन सिंह यहीं नहीं रूके। उन्होंने कहा कि 8 नवंबर हमारे लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था के लिए काला दिन है और 8 नवंबर को उस दुर्भाग्यपूर्ण नीति के एक साल पूरे होने वाले हैं, जिसने लोगों को पीछे धकेल दिया। 86 फीसदी करंसी को बदलने का दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय पूरी दुनिया में किसी ने आज तक नहीं लिया है।

इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नोटबंदी और गलत तरीके से GST लगाने से जहां भारत का नुकसान हो रहा है वहीं इससे चीन को फायदा मिल रहा है। उन्होंने नरेंद्र मोदी से सवाल पूछते हुए कहा कि इतने बड़े फैसले लेने से पहले क्या उन्होंने गरीबों के हित का सोचा।

मनमोहन सिंह की बड़ी बातें...

- महात्मा गांधी ने कहा था कि दुनिया ने जब भी आप डाउट में रहें तो गरीब का चेहरा सोचें
- अपने आप से पूछें- क्या ये उसे फायदा करेगा ? क्या भूखमरी को खत्म करेगा?
- हमने 140 मिलियन लोगों को गरीबी से निकाला। यह किसी सरकार ने अचीव नहीं किया था
- नोटबंदी और GST दो बड़े धमाके थे जो लाखों लोगों को गरीबी में धकेल कर चले गए
- नोटबंदी की वजह से प्रोडक्शन पर असर पड़ा है और इससे चीन को फायदा हो रहा है इस हालात से फायदा पा रहा है
- हमारे सरकार की सोच एक टैक्स लगाकर टैक्स को सरल करना था। ताकि बिजनेसमैन सबका भला हो, पर इस GST में ऐसा कुछ नहीं है। इस सरकार ने संसद और प्राइवेट में हमारी बातें नहीं सुनी
- GST छोटे कारोबारियों के लिए दुस्वपन बन गया है
- नोटबंदी की तरह ही बार- बार नोटिफिकेशन चेंज करने से दिक्कत बढ़ी है। इससे टैक्स टेरिरिज्म बढ़ा है
- ग्लोबल कंडीशन अच्छा होने के बाद भी टैक्स टेरिरिज्म का डर बढ़ा है
- 25 साल की ग्रोथ धीमी हो गई
- मुझे दर्द से कहना पड़ रहा है कि केंद्र सरकार ड्यूटी निभाने में असफल रही है