दिल्ली सरकार ने पेश किया 53,000 करोड़ रुपये का बजट, जानिए बजट की बड़ी बातें

नई दिल्ली (22 मार्च): दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने आज अपना बजट पेश किया। वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने सरकार का चौथा बजट पेश करते हुए कहा कि प्रस्तावित बजट 53 हजार करोड़ रुपए का है। इसका 13 फीसदी स्थानीय निकायों को दिया जाएगा। उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आज विधानसभा में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार का चौथा बजट पेश करते हुए कहा हमारा लक्ष्य राजधानी में रहने वाले गरीबों और मध्य वर्ग के लोगों को लाभ पहुंचाना है।    बजट की खास बातें

-प्रस्तावित बजट 53 हजार करोड़ रुपए का है। इसका 13 फीसदी स्थानीय निकायों को दिया जाएगा। 

-पिछले 3 साल में बजट 30,900 करोड़ से बढ़कर 53,000 करोड़ तक पहुंचा। 

-निगम की टूटी सड़कों को ठीक करने के लिए 1,000 करोड़ का बजट अलग से दिया जाएगा। 

-सिसोदिया बोले- पहला बजट शिक्षा स्वास्थ्य बजट था। इस वर्ष ग्रीन बजट के प्रस्ताव अहम होंगे।

-प्रदूषण से निपटने के लिए पर्यावरण, ट्रांसपोर्ट, PWD और ऊर्जा जैसे विभागों से 26 परियोजनाओं को जोड़ा गया। 

-वित्त वर्ष 2018-19 में दिल्ली पहला राज्य होगा जहां रियल टाइम डाटा प्रदूषण के स्तर पर लगातार नजर बनाए रखेगा। ग्रीन हाउस उत्सर्जन गैसों पर भी अध्ययन होगा।         

-प्रदूषण स्तर ठीक करने के लिए दिल्ली में ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाए जाएंगे। अब तक 7.93 लाख पौधे लगाए गए, जबकि नागरिकों को साढ़े 3 लाख पौधे दिए गए। आरडब्ल्यूए और मार्केट एसोसिएशन से मिलकर और पेड़ लगाए जाएंगे।  

-दिल्ली के रेस्तरां में 5000 रुपए प्रति तंदूर की सहायता राशि दी जाएगी। इलेक्ट्रिक जेनेरेटर पर भी सहायता राशि देंगे।

-प्रदूषण स्तर जांचने के लिए 1,000  डिस्पले मीटर लगाए जाएंगे।

-दिल्ली में 1,000 इलेक्ट्रिक बस सरकार लाएगी। चीन के बाद इलेक्ट्रिक बसों का यह सबसे बड़ा बेड़ा होगा। 

-मेट्रो स्टेशन के पास 905 इलेक्ट्रिक फीडर बस भी जोड़ी जाएंगी।

-ई-रिक्शा चालकों को सब्सिडी दी जाएगी।

-दुपहिया वाहनों के लिए पॉलिसी बनानी होगी।

-सरकार टैक्सी पर भी फोकस कर रही है जो पूरे दिन शहर में प्रदूषण बढ़ाती है।

-बुराड़ी, सराएं काले खान और द्वारका में नए ब्रिज बनाए जाएंगे। 

- सिसोदिया ने बजट पेश करते हुए कहा कि आर्थिक असमानता की दर अमेरिका और रूस से आगे पहुंच गई है। बजट बनाते वक्त इन सब बातों पर ध्यान देना जरूरी है। ब्रिक्स और सार्क देशों से भी कम पैसा हम शिक्षा और हेल्थ बजट पर खर्च कर रहे हैं।

- मनीष सिसोदिया ने बजट भाषण की शुरुआत रोजगार की स्थिति पर चिंता जताते हुए किया। उन्होंने कहा कि निचले स्तर पर विकास नहीं हो रहा। आर्थिक असमानता बढ़ रही है। इस पर ध्यान देना जरूरी है।

- उन्होंने कहा कि विश्व के प्रदूषित 20 में से 9 शहर भारत में है।