देश में यहां ज़्यादा बच्चे करने पर मिलता है इनाम और सम्मान

इम्फाल (13 जून) :  देश की बढ़ती आबादी के चलते बेशक छोटे परिवारों की नसीहत दी जाती हो। लेकिन मणिपुर में एक संगठन इस मामले में उल्टी गंगा ही बहा रहा है। इस संगठन ने राज्य में ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए 13 महिलाओं का सम्मान किया है। इनमें एक महिला के तो 15 बच्चे हैं।    

सिविल सोसायटी संगठन इरामदाम कानबा अपून्बा लूप (IKAL)  ने रविवार को इन महिलाओं को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। एक सरकारी स्कूल हेडमास्टर को मणिपुर की देशज आबादी के कल्याण के लिए सम्मानित किया गया।

सम्मानित होने वाली महिलाओं में पहला पुरस्कार 44 वर्षीय मुतुम सुबिता (15 बच्चे) और दूसरा पुरस्कार 54 वर्षीय निंगोम्बान सानाहांबी (11 बच्चे) शामिल हैं। इनके अलावा 9-9 बच्चों वाली मोइरांगथेम अंगोबी और खांगजराकपम बिलाशिनी को संयुक्त रूप से तीसरा पुरस्कार दिया गया।  

IKAL के अध्यक्ष डब्ल्यू लुवांगलेइमा ने कहा कि देशज आबादी के हित में हमारा ये प्रयास है। इस कार्यक्रम में टीएमसी के विधायक ओइनाम लुखोई सिंग भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन कार्यक्रम पर फिर से विचार करने की ज़रूरत है क्योंकि मणिपुरी समुदाय की आबादी सिकुड़ती जा रही है।

राज्य की नोडल ऑफिसर (परिवार नियोजन) एस सुचित्रा ने महिलाओं को सलाह दी कि वे दो बच्चों के बीच कम से कम तीन साल का अंतर रखें। उन्होंने कहा कि हमारा फोकस मां और नवजात के स्वास्थ्य पर है।

एक गाइनेकोलॉजिस्ट ने पहचान छुपा कर रखने की शर्त पर कहा कि बहुत ज्यादा बच्चों को जन्म देना महिलाओं के लिए खतरनाक हो सकता है।

2007 में मेघालय में खासी हिल्स ऑटोनोमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल ने तीन महिलाओं को 15 या ज़्यादा बच्चे करने पर 16-16 हज़ार रुपए इनाम दिया था।