हाईकोर्ट का मायावती और उनके परिवार को नोटिस

नई दिल्ली( 15 फरवरी ): इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती और उनके रिश्तेदारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने मायावती के गांव इबादुलपुर उर्फ बादलपुर दादरी (गौतमबुद्ध नगर) के तत्कालीन अधिकारियों की मिलीभगत से 47,433 वर्ग मीटर कृषि भूमि गलत तरीके से आबादी घोषित किये जाने के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर मायावती, उनके भाई आनंद कुमार और पिता प्रभु दास को यह नोटिस जारी किया है।

जनहित याचिका में उन दोषी अधिकारियों को भी पक्षकार बनाया गया है जिन्होंने नियमों को दरकिनार कर गलत तरीके से मायावती और उनके परिवार के लोगों के पक्ष में खेती की जमीन को आबादी की जमीन के रूप में दिखाते हुए आदेश पारित किया। याचिका पर सुनवाई चीफ जस्टिस डी. बी. भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की खंडपीठ कर रही है।

गौतमबुद्ध नगर के संदीप भाटी की इस याचिका में कोर्ट से सीबीआई से जांच कराने की मांग की गई है जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सभी पक्षकारों को अपना पक्ष रखने को कहा है। याचिका में गौतमबुद्धनगर के तत्कालीन एसडीएम के 30 मई 2006 को पारित आदेश को चुनौती दी गई है। कहा गया है कि एसडीएम ने अधिकारियों के दबाव में गलत तरीके से मायावती व उनके परिवार के लोगों के पक्ष में 47,433 वर्ग मीटर कृषि भूमि को आबादी भूमि घोषित किया था।

अधिकारियों की मिलीभगत से पारित इस आदेश की सीबीआई से जांच की मांग की गयी है। कोर्ट ने नोटिस जारी कर इस मामले से सम्बन्धित एक अन्य लम्बित याचिका के साथ सुनवाई करने का आदेश दिया है।