'हर्ष फायरिंग' में बेटी को खोने वाले पिता ने दिल्ली हाईकोर्ट में लगाई ये गुहार...

नई दिल्ली (10 मई): बीते दिनों एक शादी में बारात के दौरान 'हर्ष फायरिंग' में एक 17 वर्षीय लड़की की मौत हो गई थी। जिसके पिता ने अब दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर गुहार लगाई है कि एक कठोर नीति बनाई जाए। जिससे लोगों को अपने लाइसेंस हथियारों का दुरुपयोग करने से रोकने को सुनिश्चित किया जा सके।

'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, श्यामसुन्दर कौशल ने याचिका में कहा है, "दिल्ली में हाल ही में हर्ष फायरिंग के कई मामले सामने आए हैं। जिन लोगों के पास लाइसेंस के हथियार हैं, वे इन्हें सार्वजनिक, धार्मिक, शादियों या दूसरे कार्यक्रमों में इस्तेमाल करते हैं। ऐसे मौकों पर लाइसेंसधारक अपने पद और स्तर का प्रदर्शन करते हैं। इस तरह आम लोगों में दहशत का माहौल बनता है। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत दिए गए जीवन के अधिकार में गौरव के साथ रहने का भी अधिकार शामिल हैं। इसके साथ समझौता होता है अगर किसी को दहशत-मुक्त जीवन का मौका नहीं मिलता है।"

कौशल की बेटी के सिर में गोली लगी थी, जब उसके घर के बाहर से एक बारात निकल रही थी। वह अपनी बालकनी से बारात को देख रही थी। इस जनहित याचिका की सुनवाई जस्टिस जी रोहिणी और जस्टिस जयंत नाथ की बेंच कर रही है। जिन्होंने केंद्र, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर अपनी प्रतिक्रियाएं देने के लिए कहा है।

याचिका में मांग की गई है कि हर्ष फायरिंग को एक सजायोग्य अपराध माना जाए। इसमें जेल और जुर्माने का भी प्रावधान किया जाना चाहिए। जिसे पीड़ित के परिवारो को हर्जाने के तौर पर दिया जाए।